बालूमाथ (लातेहार):– बालूमाथ स्थित जामा मस्जिद में गुरुवार को ईशा की नमाज के बाद अंजुमन-सुबहानूल-मुस्लिमीन की बैठक अंजुमन के सदर हाजी शब्बीर की अध्यक्षता में संपन्न हुई. जिसमें ईद-उल-अजहा की त्यौहार को लेकर विस्तृत चर्चा हुई. अंजुमन के सेक्रेटरी मौलाना जियाउल्लाह मजाहिरी ने बताया कि बैठक में अंजुमन-सुब्हानुल-मुस्लिमीन ने ईद-उल-अजहा की नमाज़ का वक्त मुकर्रर कर इसका एलान कर दिया है. यह तय हुआ है कि बालूमाथ स्थित ईदगाह में इस वर्ष सुबह साढ़े छह बजे व बालूमाथ स्थित जामा मस्जिद में सुबह सवा सात बजे ईद-उल-अजहा की नमाज़ अदा की जाएगी. उन्होंने तय वक्त से पहले अपने सहूलियत के हिसाब से नमाज अदा करने वाली जगह पर पहुंच कर अपनी जगह लेने की अपील की है. मौलाना जियाउल्लाह मजाहिरी ने बताया कि जिलहिज्ज का महीना इस्लामी तारीख के अनुसार विशेष स्थान रखता है. इस्लाम के बुनियादी पांच फ़राइजों में से एक हज का अरकान इसी महीने में अदा की जाती है. दस जिलहिज्ज को कुर्बानी का एहतमाम किया जाता है. तमाम अरकान अल्लाह की रज़ा के लिए की जाती है. उन्होंने बालूमाथ वासियों से अमन शांति व एक दूसरे के प्रति परस्पर सम्मान व सहयोग के साथ ईद-उल-अजहा का त्योहार मनाए जाने की अपील की है.