लातेहार। सदर प्रखंड के तरवाडीह पंचायत के बिनगड़ा ग्राम निवासी शुक्रवार को समाहरणालय पहुंचे. यहां उन्होंने उपायुक्त को एक आवेदन सौंप कर गांव सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने लोगों पर कानूनी कार्रवाई की मांग की. ग्रामीणों ने कहा कि उन्हें वन अधिकार अधिनियम-2006 के तहत वर्ष 2010 में विभागीय जांच, भौतिक सत्यापन और आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद वन पट्टा प्रदान किया गया था. ग्राम प्रधान, वन अधिकार समिति एवं ग्रामीणों की उपस्थिति में प्रक्रिया पूरी की गई थी. लेकिन अब कुछ असामाजिक लोगों के द्वारा पूर्वाग्रह और आपसी रंजिश के कारण उन वन पट्टा को निरस्त कराने का प्रयास किया जा रहा है. ग्रामीणों ने बताया कि कुल 20 दावेदारों में से विभागीय मानकों के अनुसार 13 लोगों को वन पट्टा मिला. जबकि अन्य पात्र नहीं पाए गए. ग्रामीणों ने कहा कि जिन्हें वन पट्टा नहीं मिला, वे अब गांव में भ्रम फैलाकर विभागीय कार्यों को गलत साबित करने का प्रयास कर रहे हैं. ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि सरहुल पर्व के दौरान धार्मिक आस्था के नाम पर सादे कागज में हस्ताक्षर करवाकर उसे फर्जी शिकायत आवेदन में संलग्न किया गया. इससे गांव में भाईचारा और सामाजिक समरसता प्रभावित हो रही है. आवेदन में कहा गया कि गांव में पुलिस पिकेट मौजूद रहने के बावजूद उग्रवाद और भय का झूठा माहौल दिखाकर प्रशासन को गुमराह करने की कोशिश की गई है. ग्रामीणों ने हरिहर सिंह, रघुनंदन सिंह खरवार, रमेश सिंह एवं सूर्यदेव सिंह पर झूठी शिकायत, फर्जी हस्ताक्षर कराने तथा गांव में अशांति फैलाने का आरोप लगाते हुए नियम संगत कानूनी कार्रवाई की मांग की है. इस मौके पर राजेंद्र लोहरा, नामदेव लोहरा, सहेंद्र लोहरा, गोपाल लोहरा, उषा देवी, सिकंदर लोहरा, शंकर लोहरा, फुलवा देवी, कांगो देवी, गीता देवी, संदीप लोहरा, जितेंद्र लोहरा, अनु यादव सहित कई ग्रामीण मौजूद थे.