विश्व पर्यावरण दिवस पर उपायुक्त की चेतावनी: महुआ चुनने के लिए जंगलों में आग लगाने वालों पर होगी कार्रवाई
लातेहार। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर गुरुवार को लातेहार जिले के तपोवन पार्क में पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उपायुक्त संदीप कुमार ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए जंगलों में महुआ चुनने के लिए आग लगाने की बढ़ती घटनाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि महुआ संग्रहण के लिए जंगलों में आग लगाने की प्रवृत्ति पर्यावरण और वन संपदा के लिए अत्यंत घातक है। ऐसी घटनाओं पर प्रशासन की कड़ी नजर है और आवश्यकता पड़ने पर दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उपायुक्त ने कहा कि जंगल केवल पेड़ों का समूह नहीं हैं, बल्कि वे जैव विविधता, जलवायु संतुलन और मानव जीवन के महत्वपूर्ण आधार हैं। जंगलों में आग लगने से न केवल पेड़-पौधों और वन्य जीवों को नुकसान पहुंचता है, बल्कि मिट्टी की उर्वरता भी प्रभावित होती है। इसके अलावा पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ने से तापमान में वृद्धि, वर्षा चक्र में बदलाव और अन्य प्राकृतिक समस्याएं उत्पन्न होती हैं।उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है। यदि सभी नागरिक प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझें और पर्यावरण संरक्षण के लिए छोटे-छोटे प्रयास करें, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक बेहतर और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जा सकता है। उपायुक्त ने कहा कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए और उसकी देखभाल भी करनी चाहिए। उन्होंने लोगों से प्लास्टिक के उपयोग को कम करने तथा पर्यावरण के अनुकूल विकल्प अपनाने की अपील की। साथ ही उन्होंने सौर ऊर्जा आधारित संयंत्रों और अक्षय ऊर्जा स्रोतों के उपयोग को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए कहा कि इससे प्रदूषण में कमी आएगी और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण संभव हो सकेगा।
कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त समेत उपस्थित अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने पौधारोपण कर हरित वातावरण बनाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर प्रमंडल पदाधिकारी प्रवेश अग्रवाल, जिला परिषद अध्यक्ष पूनम देवी, उप विकास आयुक्त सैय्यद रियाज अहमद. विधायक प्रतिनिधि गौरव दास सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण, हरित आवरण बढ़ाने, जल-जंगल-जमीन की रक्षा तथा जनभागीदारी के माध्यम से प्रकृति संरक्षण के महत्व पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने का संदेश दिया गया।