


उन्होंने टीबी से ग्रसित व्यक्ति को ठीक करने के प्रति आम जनमानस को आगे आने के लिए अपील की. कहा कि वे भी गांव-समाज के सदस्य है, उन्हे भी एक अच्छी जीवन जीने में मदद करने में उनका सहयोग करना चाहिए. यह छुआ-छुत की बीमारी नही हैं. यक्ष्मा के जिला कार्यक्रम समन्वयक मदन लाल गुप्ता ने अभियान की जानकारी देते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग के कर्मी और सहिया घर-घर जाकर मरीज खोजेंगे. उनका सैंपल लेंगे और जांच करेंगे. टीबी पॉजीटीव पाये जाने पर निःशुल्क इलाज के साथ-साथ मरीज का फ्लोअप भी प्राथमिकता पर किया जायेगा. उन्होंने कहा कि यदि व्यक्ति को 14 दिन का खांसी, बुखार या वजन कम हो रहा है तो आगे आयें, जांच के लिए खखार दें. मरीज को विभाग के द्वारा आर्थिक सहयोग राशि एक हजार रूपये की राशि भी दी जाती है. इस क्रम में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, बरवाडीह में 70 मरीजों का एक्स-रे के माध्यम से टीबी स्क्रीनिंग किया गया. 