बालूमाथ (लातेहार)। शुक्रवार को बालुमाथ प्रखंड के कोमर गांव में सरसों फसल का निरीक्षण करने भारत सरकार के चावल विकास निदेशालय, पटना के निदेशक डॉ मान सिंह पहुंचे. यह सरसों की खेती राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन (एनएफएसएम) के अंतर्गत क्लस्टर फ्रंट लाइन डेमोन्स्ट्रेशन (सीएफएलडी) कार्यक्रम के तहत कृषि विज्ञान केंद्र, लातेहार द्वारा कराई जा रही है. कोमर गांव में दो क्लस्टरों में कुल 50 एकड़ भूमि पर सरसों की खेती की गई है. इस अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र, लातेहार के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ राजीव कुमार तथा पादप संरक्षण वैज्ञानिक डॉ गोपाल कृष्ण भी उपस्थित थे. डॉ मान सिंह ने खेतों का भ्रमण कर फसल की स्थिति का अवलोकन किया तथा कार्यक्रम से जुड़े किसानों से सीधा संवाद किया. उन्होंने धनेव उरांव, जाबा देवी, मुकेश उरांव, लक्ष्मण उरांव, विनोद उरांव सहित अन्य किसानों से खेती से जुड़ी समस्याओं, उत्पादन लागत और तकनीकी पहलुओं पर चर्चा की. निदेशक ने कुछ किसानों के खेतों को “कृषि मैपर” मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से मैप भी किया. इस अवसर पर लगभग 50 लाभार्थी किसान उपस्थित थे. उल्लेखनीय है कि इस योजना के अंतर्गत केवीके लातेहार द्वारा लातेहार जिले के विभिन्न गांवों में कुल 19 क्लस्टर बनाकर लगभग 500 एकड़ क्षेत्र में 500 किसानों द्वारा सरसों की खेती कराई जा रही है. डॉ मान सिंह ने किसानों को उन्नत किस्मों के बीज, संतुलित उर्वरक प्रयोग, कीट-रोग प्रबंधन तथा वैज्ञानिक पद्धति से खेती करने की सलाह दी. जिससे उत्पादन और आय में वृद्धि हो सके. कृषक विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने भी किसानों को सरसों की उन्नत तकनीकों की जानकारी दी और भविष्य में हर संभव तकनीकी सहयोग का आश्वासन दिया.