
गारू (लातेहार)। गारू प्रखंड के बेसनाखाड़ गांव में जिला परिषद सदस्य जीरा देवी की उपस्थिति में ग्राम प्रधान नरेश सिंह की अध्यक्षता में ग्राम सभा का आयोजन किया गया. बैठक में पेसा कानून को केंद्र में रखते हुए वन क्षेत्र में रहने वाले ग्रामीणों और आदिवासियों के अधिकारों पर विस्तार से जानकारी दी गई. ग्राम सभा को संबोधित करते हुए जीरा देवी ने बताया कि पेशा कानून के तहत ग्राम सभा को जल, जंगल और जमीन से जुड़े फैसलों में निर्णायक भूमिका मिलती है. वनों से उपज, पारंपरिक संसाधनों के संरक्षण, स्थानीय विकास योजनाओं की स्वीकृति और बाहरी हस्तक्षेप पर रोक जैसे अधिकार ग्राम सभा के हाथ में होते हैं, यानी गांव खुद तय करता है, उसका भविष्य क्या होगा. आदिवासी नेता विमल कुजूर ने कहा कि पेसा कानून केवल एक कानून नहीं, बल्कि आदिवासी स्वशासन की रीढ़ है. यदि ग्राम सभा जागरूक और संगठित हो, तो कोई भी निर्णय गांव की सहमति के बिना नहीं थोपा जा सकता. सत्येन्द्र उरांव ने ग्रामीणों से अपील की कि वे पेशा कानून की जानकारी हर घर तक पहुंचाएं, ताकि अधिकारों के साथ जिम्मेदारियों का भी सही निर्वहन हो सके. बैठक के अंत में ग्रामीणों ने पेसा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन, वन संसाधनों के संरक्षण और ग्राम सभा को सशक्त बनाने का संकल्प लिया.



