महुआडांड़ (लातेहार)। झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर बुधवार को महुआडांड़ प्रखंड में आंदोलनकारियों ने एक दिवसीय बंद कराया. इस दौरान आंदोलनकारियों ने कूरो मोड़ के समीप बांस की बैरिकेडिंग लगाकर सड़क जाम कर दिया. सड़क जाम के कारण कुछ समय तक आवागमन प्रभावित रहा. हालांकि आंदोलनकारियों ने छोटे-बड़े वाहनों को करीब 10 मिनट के अंतराल पर आगे जाने दिया. जिससे आवश्यक आवागमन पूरी तरह बाधित नहीं हुआ. आंदोलनकारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सड़क पर डटे रहे और सरकार के प्रति नाराजगी जताई. झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष रंजीत टोप्पो ने कहा कि झारखंड अलग राज्य बनने के बाद से ही आंदोलनकारियों द्वारा अपनी मांगों को लेकर लगातार सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया जाता रहा है. सरकार की ओर से कई बार आश्वासन दिया गया, लेकिन आंदोलनकारियों का कहना है कि अब तक उनकी मांगों को अपेक्षित रूप से लागू नहीं किया गया है. उन्होंने कहा कि आंदोलनकारियों को बार-बार आश्वासन देकर उनकी मांगों को टाल दिया जाता है. इसी के विरोध में पूरे झारखंड में एक दिवसीय बंद का आह्वान किया गया है. उन्होंने कहा कि झारखंड राज्य के गठन में आंदोलनकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है. इसके बावजूद आंदोलनकारियों को उनका उचित सम्मान और अधिकार नहीं मिल पाया है. मोर्चा की ओर से सरकार से आंदोलनकारियों को राजकीय मान-सम्मान एवं अलग पहचान देने, आंदोलनकारियों के बच्चों को रोजगार एवं नौकरियों में 100 प्रतिशत गारंटी देने की मांग भी उठाई गई. आंदोलनकारियों ने सरकार से जेल जाने की बाध्यता समाप्त कर सभी वास्तविक झारखंड आंदोलनकारियों को सम्मान पेंशन देने तथा पेंशन राशि को 50 हजार रुपये किए जाने की मांग की. पूर्व में दिए गए आश्वासनों पर अमल करने और सरकारी संकल्पों का पालन सुनिश्चित करने की मांग की गई. मोर्चा ने झारखंड आंदोलनकारियों के पुत्र-पुत्रियों एवं आश्रितों की नौकरियों में सीधी बहाली करने की मांग भी उठाई. इसके अलावा दिशोम गुरु शिबू सोरेन को गजट नोटिफिकेशन जारी कर झारखंड आंदोलनकारियों का सर्वोच्च सम्मान देने की मांग की गई. आंदोलनकारियों ने कहा कि चिन्हित होने से वंचित मूल झारखंड आंदोलनकारियों के लिए झारखंड आंदोलनकारी चिन्हितीकरण आयोग कार्यालय का पुनर्गठन किया जाए. इसके साथ ही वैकल्पिक रूप से झारखंड आंदोलनकारी कल्याण बोर्ड का गठन करने की मांग भी सरकार के समक्ष रखी गई. बंद के दौरान झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के सचिव राजेश लकड़ा, सलाहकार समिति के जेरोम तिग्गा, निर्मल कुजूर, दमासीयूस मिंज, बेनार्ड कुजूर, विक्टोरिया खाखा, मार्टिन खलखो समेत बड़ी संख्या में आंदोलनकारी मौजूद रहे.