महुआडांड़ (लातेहार) प्रखंड अंतर्गत दुरूप पंचायत के दौना गांव के जंगल में मंगलवार शाम करीब छह बजे जंगली हाथी ने हमला कर आदिम जनजाति समुदाय के 57 वर्षीय तोबियस बिरिजिया को पटककर मार डाला। हाथी के हमले में उनकी मौके पर ही मौत हो गयी। घटना के बाद से दौना गांव में दहशत का माहौल है। मृतक के पुत्र पंखराज बिरिजिया ने बताया, तोबियस बिरिजिया दोपहर में खाना खाने के बाद मक्का की फसल की रखवाली करने गये थे। शाम करीब छह बजे खेत से घर लौटने के दौरान अचानक रास्ते में उनका सामना एक जंगली हाथी से हो गया। हाथी ने उन पर हमला कर पटक दिया, जिससे घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गयी। घटना के समय आसपास के कुछ अन्य ग्रामीण भी खेत देखने गये थे। हाथी को देखकर वे जान बचाकर वहां से भागे और गांव पहुंचकर घटना की जानकारी दी। इसके बाद ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे तो तोबियस बिरिजिया का शव जंगल में पड़ा मिला। ग्रामीणों ने घटना की रात लगभग सात बजे सूचना वन विभाग को दे दी है। लेकिन खबर लिखे जाने तक वन विभाग की टीम घटनास्थल पर नहीं पहुंची थी। हाथियों की मौजूदगी के कारण परिजन और ग्रामीण शव के पास जाने से भी डर रहे हैं। मृतक के पुत्र ने बताया मजबूरी है, अपने पिता के शव को जंगल से उठाकर गांव तक नहीं ला सकते हैं। वन विभाग के अधिकारी आने के बाद ही शव लाया जा सकता है। दौना का जंगल जंगली जानवरों का बसेरा होने के कारण ग्रामीणों को आशंका है कि रात में अन्य जंगली जानवर शव को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इधर, हाथियों के गांव की ओर आने के डर से ग्रामीण समूह बनाकर रात में रतजगा कर रहे हैं और आसपास नजर रख रहे हैं। घटना के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग से तत्काल घटनास्थल पर पहुंचकर शव को सुरक्षित बाहर निकालने तथा हाथियों से बचाव के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।