लातेहार। लातेहार लैंपस में करीब डेढ़ माह के बाद धान खरीदारी शुरू की गयी है. धान की खरीददारी शुरू होते ही अनियमितता के गंभीर मामले सामने आ रहे हैं. सदर प्रखंड के पांडेयपूरा ग्राम निवासी किसान सत्येंद्र प्रसाद गुप्ता ने इस अनियमितता से उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता को अवगत कराया है. उन्होने उपायुक्त को आवेदन देकर लातेहार लैंपस प्रतिनिधि मुरली प्रसाद पर धान नहीं लेने और बिचौलियों को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया है. सत्येंद्र प्रसाद गुप्ता ने कहा कि दिसंबर माह में जब शुरुआती दौर में धान खरीद शुरू हुई, तभी से वह लैम्पस में धान बेचने के लिए चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उनका धान नहीं लिया जा रहा है. उनका आरोप है कि डेढ़ माह बाद जब पुनः खरीदारी शुरू हुई और उन्होंने धान लेने की बात की तो प्रतिनिधि मुरली प्रसाद द्वारा कहा गया कि अभी आपका धान नहीं लिया जाएगा. धान बेचना है तो मिलर से बात कीजिए. उन्होने आरोप लगाया कि मुरली प्रसाद द्वारा बिचौलियों के धान की खरीद की जा रही है. पांडेयपूरा के बीरबल प्रसाद पिता बृजकिशोर प्रसाद और पंकज प्रसाद पिता विजय प्रसाद के धान लिए जाने का भी आरोप लगाया गया है. सत्येंद्र का कहना है कि जिन किसानों से प्रतिनिधि की सेटिंग है, उन्हीं का धान प्राथमिकता से लिया जा रहा है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि धान बेचने के लिए प्रति क्विंटल 10 किलो कटौती या अतिरिक्त पैसे की मांग की जाती है. यदि किसान पैसे देने या कटौती के लिए तैयार नहीं होते, तो उनका धान नहीं लिया जाता. सत्येंद्र के अलावा अन्य किसानों ने भी मुरली प्रसाद पर इसी प्रकार के आरोप लगाए हैं. वही पोचरा लैंप्स प्रतिनिधि बृजमोहन पर भी धान खरीदारी में अनियमित का आरोप लगा है. गौरतलब है कि मुरली प्रसाद पर तीन वर्ष पूर्व भी धान खरीद में अनियमितता का मामला सामने आया था. इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई थी. इसके बावजूद वे अब भी लैम्पस प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत हैं, जिससे कई सवाल उठ रहे हैं. इधर, मुरली प्रसाद ने आरोपों को निराधार बताया है. उनका कहना है कि जो भी किसान धान लेकर आ रहे हैं, उनका धान लिया जा रहा है.
अनियमितता की सूचना नहीं: डीएसओ
जिला आपूर्ति पदाधिकारी, लातेहार श्रवण राम ने कहा कि उन्हें इस तरह की अनियमितता की कोई सूचना नहीं मिली है. यदि ऐसी शिकायत आती है तो मामले की जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर प्रतिनिधि पर कार्रवाई की जाएगी. किसानों का धान लिया जाना है, यदि माफिया हावी हैं तो उन्हें चिन्हित कर कार्रवाई की जाएगी.