लातेहार: जिला मुख्यालय में कई ऐसे सरकारी भवन हैं जो या तो डेड एसेट में बदल चुके हैं या फिर कोई काम के नहीं हैं. सरकारी उपेक्षा एवं रख रखाव के अभाव में कई भवन तो जर्जर हो चुके हैं. यहां रहना या काम करना जान को खतरे में डालने के बराबर है. कई भवनों का निर्माण कार्य तो शुरू हुआ, लेकिन करोड़ों खर्च होने के बाद भी पूरा नहीं हो सका. पिछले दिनों शुभम संवाद ने उपायुक्त के प्रेस वार्ता में इन जर्जर भवनों की जानकारी दी थी. इस पर उपायुक्त ने सकारात्मक पहल करने की बात कही:
लैंपस भवन- शहर के थाना चौक में राष्ट्रीय सम विकास योजना से स्वयंसहायता समूहों के लिए दुकानें बनायी गयी थी. इसका उदघाटन 11 अप्रैल 2004 को तत्कालीन सांसद धीरेंद्र अग्रवाल ने किया था. यही भवन में लैंपस भी अविस्थत है. भवन में कुल 11 कमरें हैं, जो स्वयं सहायता समूहों को आवंटित हैं, लेकिन रख रखाव के अभाव में भवन जर्जर हो गया है. दूसरी मंजिल में जाने के लिए बनायी गयी सीढि़यां टूट गयी है. आज सभी दुकानें बंद रहती है और यह डेड एसेट में तब्दील हो गया है.
सरकारी आवास- समाहरणालय एवं व्यवहार न्यायालय कर्मियों को रहने के लिए पहाड़पुरी में सरकारी आवास आवंटित किया गया है. इसमें कुल 42 क्वार्टर हैं. आज आवास की दीवारें व छत टुट टुट कर गिर रहे हैं. खिड़कियों की स्लेब टुट रही है. यहां कभी भी हादसा हो सकता है. भूमिगत नालियां टुट जाने के कारण मल टंकी तक नहीं जा पा रहे हैं और नालियों में बह रही है. दुर्गंध के कारण लोगों का रहना मुहाल हो गया है. यहां रहने वाले लोगों ने कई बार उपायुक्त कार्यालय में भवन मरम्मति के लिए आवेदन दिया है.
कृषि विभाग का गोदाम- शहर के मोंगर रोड में केंद्रीय विद्यालय के पास कृषि विभाग के द्वारा एक गोदाम का निर्माण कार्य पांच-छह वर्ष शुरू किया गया था. गोदाम की चारो ओर की दीवारें खड़ी हो गयी है. तकरीबन 75 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका था, ऐसे में निर्माण कार्य को बंद करा दिया गया. बताया जाता है कि आवंटन नहीं मिलने के कारण गोदाम की छत नहीं बन पायी.
सिविर्ल सर्जन कार्यालय- शहर के धर्मपुर मुहल्ले मे सिविल सर्जन का बहुमंजिला इमारत बनाया गया है. लेकिन आज यह इमारत वीरान है. सिविल सर्जन कार्यालय यहां स्थानांतरित नहीं होने के कारण यह भवन पिछले पांच वर्षों से वीरान पड़ा है. इमारत की खिड़की व दरवाजों को नुकसान पहुंच रहा है.
नर्सिंग प्रशिक्षण केंद्र- शहर के धर्मपुर मुहल्ले में ही पुराना पुलिस लाइन के पास नर्सिंग प्रशिक्षण केंद्र का निर्माण कार्य तकरीबन 10-11 वर्ष पूर्व प्रारंभ किया गया था.उस समय इस भवन की प्राक्कलन राशि दो करोड़ रूपये थी. भवन की दूसरी मंजिल की छत ढलाई हो चुकी है. तीसरी मंजिल की छत ढलाई होने से पूर्व ही निर्माण कार्य बंद हो गया. बताया गया कि इस भवन निर्माण की प्रशासनिक स्वीकृति नहीं मिली. आज इस भवन का इस्तेमाल असपास के लोग तबेले के रूप में कर रहे हैं.