लातेहार। जिला मुख्यालय एवं जिले के अन्य प्रखंडों मे गुरूवार को करमा पूजा करम डाली विसर्जन के साथ संपन्न हो गया. पारंपरिक रीति-रिवाजों और उत्साह के साथ इस पर्व को जिले में मनाया गया. गुरूवार को जिले के विभिन्न नदी, तालाब व अन्य जलाशयों में करम डाली की पूजा-अर्चना कर विसर्जन किया. महिला एवं कुंवारी कन्याओं को सामुहिक रूप से करम डाली का विसर्जन करते देखा गया. करम डाली को जलाशयों में विसर्जित करने से पहले पूजा-अर्चना की गई और करम देवता की आराधना की गई.
बुधवार की पूरी रात ग्रामीण अखरों में महिला व पुरूषों को मांदर, ढोल और नगाड़े की थाप पर पारंपरिक सामुहिक नृत्य करते देखा गया. कई अखरों में बड़े बड़े साउंड बाक्स लगाये गये थे. लोगों ने कहा कि करमा पर्व प्रकृति की पूजा और संरक्षण का संदेश देता है, जिसमें करम डाली और जावा की पूजा की जाती है. करमा पर्व भाई-बहन के प्रेम को भी दर्शाता है, जहां बहनें अपने भाई की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करती हैं. करमा पर्व का समापन शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में हुआ. जिसमें प्रशासन की चौक-चौबंद व्यवस्था रही.