उम्मीद पोर्टल की डेडलाइन बढ़ाने की मांग, नहीं तो आंदोलन की चेतावनी
लातेहार। तंजीम-ए-उलमा अहले सुन्नत के बैनर तले दारुल उलूम कादरिया जमाले रज़ा, अंसार नगर करकट में रविवार को जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता मुफ्ती मुदस्सिर आलम अमजदी ने की. इसमें सर्वसम्मति से अंजुमन इस्लामिया जिला लातेहार कमेटी का गठन किया गया. आफताब आलम को अध्यक्ष, डॉ. कौनेन आलम को उपाध्यक्ष, रिज़वान अली को सचिव, रियाज अली को उप सचिव, रिजवान खान और कारी जावेद अख्तर को कोषाध्यक्ष तथा संयोजक के रूप में समशुल होदा और अलीमुद्दीन अंसारी को चुना गया. कमेटी का विस्तार 15 नवंबर तक करने का निर्णय लिया गया. बैठक में झारखंड सरकार द्वारा आलिम और फाज़िल की डिग्री की मान्यता रद्द करने के फैसले का कड़ा विरोध किया गया. तंजीम-ए-उलमा अहले सुन्नत के सचिव कारी बरकतुल्ला रिज़वी ने कहा कि झारखंड में आलिम और फाज़िल की डिग्री को मान्यता नहीं देना नाइंसाफी है. बिहार की तरह यहां भी मान्यता बरकरार रखी जानी चाहिए.
रिजल्ट रोकना हजारों नौजवानों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है. उन्होंने कहा कि उम्मीद पोर्टल पर मदरसा, मस्जिद, कब्रिस्तान और वक्फ संपत्तियों की एंट्री में समय कम दिया गया है. 9.30 लाख जमीनों का रजिस्ट्रेशन पांच दिसंबर तक संभव नहीं. केंद्र सरकार कम से कम दो साल का समय बढ़ाए, वरना बड़ा आंदोलन किया जाएगा. बैठक में महुआडांड़, मनिका, चंदवा, हेरहंज और अन्य प्रखंडों के प्रतिनिधि मौजूद रहे.