महुआडांड़ (लातेहार)। प्रखंड के ग्राम बारेसांड से मानवता और सामाजिक सेवा का एक प्रेरणादायक उदाहरण सामने आया है। यहां अत्यंत गरीब और असहाय परिवार के दो मासूम बच्चों को आरपीएस सेवा संस्थान चेरिटेबल ट्रस्ट रामपुर द्वारा आश्रम में आश्रय देकर उनके बेहतर भविष्य की दिशा में सराहनीय पहल की गई है। इस कदम की क्षेत्र में व्यापक प्रशंसा हो रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम बारेसांड निवासी दिलबहार सिंह दृष्टिबाधित हैं, जबकि उनकी पत्नी तेतरी देवी मानसिक रूप से अस्वस्थ बताई जा रही हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति अत्यंत दयनीय होने के कारण बच्चों के पालन-पोषण, शिक्षा और सुरक्षा पर गंभीर संकट उत्पन्न हो गया था। रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल हो रहा था, जिससे बच्चों का भविष्य अंधकारमय होता जा रहा था। इसी बीच, बारेसांड के वनपाल परमजीत तिवारी ने मानवीय संवेदनशीलता दिखाते हुए परिवार की स्थिति को गंभीरता से लिया और इसकी जानकारी आरपीएस सेवा संस्थान चेरिटेबल ट्रस्ट तक पहुंचाई। सूचना मिलते ही संस्थान ने मामले को प्राथमिकता देते हुए तत्काल पहल की। संस्थान ने दोनों बच्चों को सुरक्षित वातावरण, बेहतर शिक्षा और समुचित देखभाल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आश्रम लाने का निर्णय लिया। यह पूरी प्रक्रिया अरविंद गुप्ता, श्रवण गुप्ता, वनपाल परमजीत तिवारी एवं बारेसांड थाना के एसआई कृष्णा गोड सोरे की उपस्थिति में संपन्न हुई। इस दौरान संस्थान के अध्यक्ष कमलेश यादव, श्रवण यादव तथा जसवंत यादव मुकेश यादव भी मौजूद रहे। सभी की उपस्थिति में बच्चों को सुरक्षित तरीके से आश्रम लाया गया, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और व्यवस्थित रही।संस्थान के प्रतिनिधियों ने बताया कि ट्रस्ट का मुख्य उद्देश्य जरूरतमंद और असहाय बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सुरक्षित वातावरण, स्वास्थ्य सुविधा और सर्वांगीण विकास का अवसर प्रदान करना है। संस्था ऐसे बच्चों को आत्मनिर्भर बनाकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य कर रही है। इस पहल के तहत बच्चों को आश्रम में शिक्षा, भोजन, वस्त्र, स्वास्थ्य देखभाल और मानसिक विकास से जुड़ी सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। संस्थान ने यह भी आश्वासन दिया कि भविष्य में भी ऐसे जरूरतमंद परिवारों की पहचान कर उन्हें हर संभव सहायता दी जाएगी। संस्थान ने समाज के सभी वर्गों, सामाजिक संगठनों और जागरूक नागरिकों से अपील की है कि वे ऐसे मानवीय कार्यों में सहयोग करें, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद बच्चों को सुरक्षित और सम्मानजनक भविष्य मिल सके।