लातेहार। शारदीय नवरात्रि की सप्तमी तिथि के अवसर पर श्रीरामचरितमानस के 53वें अधिवेशन में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत माहौल देखने को मिला. इस अवसर पर गिरिडीह से पहुंचे अनिल जी भारद्वाज ने श्रद्धालुओं को सुंदरकांड का संगीतमय पाठ कराया. सुंदरकांड के दौरान श्रद्धालु भक्ति में लीन रहे और पूरा वातावरण जय श्रीराम व बजरंगबली के जयकारों से गूंज उठा. पाठ के दौरान अनिल जी भारद्वाज ने सुंदरकांड की महिमा बताते हुए कहा कि इसमें भगवान श्रीराम के परम भक्त हनुमान जी की भक्ति, साहस, बुद्धिमत्ता और समर्पण का अद्भुत वर्णन मिलता है. हनुमान जी ने अपनी अटूट श्रद्धा और आत्मविश्वास के बल पर समुद्र लांघकर माता सीता का पता लगाया और भगवान श्रीराम का संदेश पहुंचाया. सुंदरकांड हमें सिखाता है कि सच्ची भक्ति, विश्वास और दृढ़ संकल्प के साथ कठिन से कठिन कार्य भी संभव हो सकता है. परायण पाठ के दौरान राज्यसभा सांसद सह मुख्य संरक्षक बैद्यनाथ राम, अध्यक्ष प्रमोद प्रसाद सिंह, महामंत्री सुदामा प्रसाद, विनोद कुमार महलका, डॉ विशाल शर्मा, चंद्रप्रकाश उपाध्याय, सुनील कुमार शौंडिक, मदन प्रसाद, दुर्गा प्रसाद, संतोष कुमार अग्रवाल, राजेश प्रसाद सिंह, जया और बरखा सहित अन्य श्रद्धालु उपस्थित रहे. सुंदरकांड पाठ के दौरान श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक भाग लिया. धार्मिक वातावरण में आयोजित इस कार्यक्रम ने नवरात्रि की भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा को और अधिक गहरा कर दिया.