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झारखंडबालुमाथ

विस्थापितों ने तेतरियाखाइ परियोजना को ले कर 16 सूत्री मांग पत्र उपायुक्‍त को सौंपा

बालूमाथ (लातेहार)।  विस्थापितों ने तेतरियाखाइ परियोजना से संबंधित 16 सूत्री मांगों को लेकर उपायुक्त के नाम पत्र सौंपा है. सौंपे गए पत्र में विस्थापित प्रभावित परिवार ने तेतरियाखाड़ परियोजना के परियोजना पदाधिकारी जेपी रावत के द्वारा 28 अप्रैल से ट्रकों का प्रवेश रोके जाने के कारण लगभग 1000 ट्रक मालिकों एवं उनसे जुड़े परिवारों के समक्ष गंभीर आजीविका संकट उत्पन्न होने की ओर ध्यान आकृष्ट कराया है. परियोजना से जुड़े विस्थापन, रोजगार, प्रदूषण, भूमि अधिग्रहण एवं जनसुविधाओं से संबंधित अनेक समस्याएँ वर्षों से लंबित होने की बात कही है. विस्थापितों के द्वारा उपायुक्त को सौंपे पत्र में प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं:-
वर्ष 1992 से संचालित तेतरियाखाड़ परियोजना के विस्थापितों को लंबित नौकरी एवं मुआवजा हेतु विशेष कैंप लगाकर समाधान किया जाए.
विगत 35 वर्षों से सीसीएल प्रबंधन के द्वारा झूठा आश्वाशन देकर पिंडारकोम के भूमि मालिकों के भूमि पर रास्ता बनाकर कोयला ट्रकों का परिवहन किया जाता रहा है,
भूमि मालिकों को भूमि मुआवजा, नौकरी और क्षतिपूर्ति अविलंब दिलाने की पहल किया जाए.
पिंडारकोम में सेक्शन-9 अंतर्गत लगभग 600 एकड़ भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया पारदर्शी एवं शीघ्र पूरी की जाए.
विस्थापितों एवं ग्रामीणों को सड़क,पेयजल, स्वास्थ्य एवं शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँ.
आगामी 10 वर्षों हेतु पीएनएम कंपनी को आवंटित खनन कार्य में फेस से साइडिंग तक के टेंडर को निरस्त किया जाए.
09सितंबर 2025 की बैठक जिसमें राजहरा क्षेत्र के महाप्रबंधक मनीष रंजन, स्थानीय विधायक प्रकाश राम की उपस्थिति में हाइवा परिचालन नहीं होने संबंधी लिखित निर्णय का पालन सुनिश्चित किया जाए.
स्टॉक कोयले का पुनः ग्रेडेशन कर उचित गुणवत्ता निर्धारित की जाए.
आरडीएम कोयला की बिडिंग शीघ्र प्रारंभ कर लगभग 1000 ट्रक मालिकों की आजीविका बहाल की जाए.
परियोजना क्षेत्र में कोयले में लगी आग पर अविलंब नियंत्रण किया जाए.
सेल के डीओ में ट्रकों का प्रवेश तत्काल शुरू कराया जाए.
कंपनी एवं सीसीएल की मिलीभगत से स्टॉक में बैंड पत्थर मिलाने की जांच की जाए.
खराब गुणवत्ता रिजेक्शन कोल ऑफर जारी किया जाए.
ग्रामसभा के निर्णय अनुसार घनी आबादी वाले क्षेत्रों में हाइवा परिचालन पूर्णतः बंद रखा जाए.
प्रदूषण नियंत्रण हेतु प्रभावी कार्यवाही एवं नियमित जल छिड़काव सुनिश्चित किया जाए.
पीएनएम कंपनी के निदेशक विपिन मिश्रा द्वारा सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने के आरोपों की जांच कर कानूनी कार्रवाई की जाए.
परियोजना पदाधिकारी जेपी रावत एवं लंबे समय से पदस्थ अन्य अधिकारियों एवं कर्मियों का स्थानांतरण किया जाए.
विस्थापितों ने उपरोक्त मांगों को गंभीरता से लेते हुए अविलंब आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि क्षेत्र में शांति, रोजगार एवं जनहित बहाल रह सके. विस्थापित ग्रामीणों ने अपनी आवेदन की प्रतिलिपि झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, राज्य के मुख्य सचिव, श्रम मंत्री संजय यादव, सीसीएल के सीएमडी, लातेहार के अनुमंडल पदाधिकारी, जिला पुलिस अधीक्षक, महाप्रबंधक, राजहरा क्षेत्र, परियोजना पदाधिकारी बालूमाथ को भी भेजी गई है.

Kamrul Aarfee

संवाददाता, बालुमाथ, लातेहार

Kamrul Aarfee

संवाददाता, बालुमाथ, लातेहार

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