लातेहार। जिले में भूमि के हाल सर्वे में गड़बड़ी का मामला एक बार फिर तूल पकड़ता जा रहा है. लोग अब इसके खिलाफ मुखर हो रहे हैं. जिले में त्रुटिपूर्ण हाल सर्वे के खिलाफ रैयतों (भू-मालिक) ने महुआडांड में सोमवार को आम जनता संघर्ष मोर्चाके बैनर तले रैली निकाली. रैली प्रदर्शनकारी अपने हाथो में सीएस टू आरएस के नाम पर पैसा उगाही बंद करो, जमीन के मामले मे आम जनता को लड़ाना बंद करो, रि- सर्वे कराना सुनश्चित करो आदि के नारे लिखे तख्तियां लिए हुए थे. रैली शहीद चौक से गांधी चौक और बिरसा चौक होते रामपुर और फिर अनुमंडल कार्यालय पहुंचीी.यहां एक सभा का आयोजन किया गया. इसकी अध्क्षता अजित पाल कुजूर ने की.
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सभा को संबोधित करते हुए वरीय अधिवक्ता नवीन कुमार गुप्ता ने कहा हाल सर्वे जबरजस्ती लातेहार जिला को थोपा गया है. यहां की भोली भाली जनता को परेशान किया जा रहा है. लोग कार्यालय व अदालतों का चक्कर लगा रहे हैं. पेशे से अमीन कमेश दुबे ने कहा विधानसभा झारखंड की आत्मा है. जब वहां हाल सर्वे को त्रुटिपूर्ण माना गया तो लागू करना उचित नही है. ये लातेहार जिला में काला कानून से कम नही है. उन्होने हाल सर्वे को रद्द करने एवं 2015 से पहले के पुराने सर्वे को लागू करने की मांग की. ग्रामीण लारेंस कुजूर ने कहा हाल सर्वे में हुई गड़बड़ी के कारण लातेहार जिला के 772 गांव में घोर तनाव है. अब तक जमीन विवाद के 10898 मामले विभिन्न न्यायालयों में लंबित है. पिछले चार सालों में 3089 मामले ही निपटाये जा सके हैं.
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अजित पाल कुजूर ने कहा लातेहार जिला में भूमि विवादों की संख्या में खासी बढ़ोतरी हुई है. जिसका दुष्प्रभाव जिला के आदिवासी, आदिम जनजाति, हरिजन वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग के लोगों की चौतरफा परेशानी हो गई है. जानकारी मिलने के बाद अनुमंडल पदाधिकारी विपिन कुमार दूबे मौके पर पहुंचे. रैयतों ने उन्हें एक ज्ञापन सौंपा. श्री दुबे ने कहा उन्होने जिला एवं अंचल महुआडांड़ को लिखा है कि बिना आरएस और सीएस सर्वे मिलान किये लगान रसीद नहीं काटें और ना ही निबंधन करें. उन्होने उच्चाधिकारियों तक ग्रामीणों की बातों को रखने का आश्वासन दिया.