लातेहार, 24 सितंबर 2025। शहर के बीचोबीच स्थित अंबाकोठी परिसर में आयोजित 52 वें श्रीरामचरित मानस नवाह्य परायण पाठ महायज्ञ के तीसरे दिन मानस कथानुसार भगवान श्रीराम व अन्य सभी भाइयों का विवाह उत्सव मनाया गया. इस मौके पर गिरिडीह से आये मानस वाचस्पति अनिल जी भारद्वाज ने द्वारा विवाह के कई पारंपरकि गीत जाये गये.
उन्होने आजु मिथिला नगरिया निहाल सखिया, चारो दुल्हा में बड़का कमाल सखिया और सिया डाले राम के गले में जयमाला समेंत श्रीराम विवाह उत्सव के कई गीत गाये. श्रद्धालुओं ने इस पर ठुमके लगाये और एक दूसरे को अबीर-गुलाल लगा कर शुभकामनायें दी. महिलाओं ने माता सीता को सिंदूर दान किया. मौके पर यजमान के रूप में डा विनय सप्तनीक मौजूद थे. यज्ञाचार्य अनिल मिश्रा ने वैदिक मंत्रोच्चारण किया. इससे पहले सीता स्वयंवर का पाठ किया गया. मौके महायज्ञ समिति के मुख्य संरक्षक सह पूर्व मंत्री बैद्यनाथ राम, अध्यक्ष प्रमोद प्रसाद सिंह, कोषाध्यक्ष विनोद कुमार महलका व मंत्री सुनील कुमार शौंडिक ने बताया कि पिछले 51 सालों से यह आयोजन निर्विघ्न होता आ रहा है. सुबह पांच बजे सात बजे तक पूजा अर्चना, आठ बजे से दोपहर दो बजे तक तक ब्रह्मणों एवं महिला श्रद्धालुओं के द्वारा रामचरित मानस का पाठ किया जाता है. संध्या छह बजे से आरती होती है. रात्रि में कोलकाता की मंडली के द्वारा श्रीरामचरित मानस के प्रसंगों का मंचन किया जा रहा है. मौके पर अशोक कुमार महलका, डा विशाल शर्मा, चंद्रप्रकाश उपाध्याय, मदन प्रसाद, सुरेश प्रसाद, संतोष अग्रवाल, प्रकाश मोहन अग्रवाल, राजू रंजन प्रसाद, दुर्गा प्रसाद, राजू सिंह, अनिल प्रसाद आदि मौजूद थे.
नगर वासियों का मिलता है अपूर्व सहयोग: बैद्यनाथ राम
आयोजन समिति के मुख्य संरक्षक सह पूर्व मंत्री बैद्यनाथ राम ने कहा कि इस आयोजन में नगर वासियों का अपूर्व सहयोग मिलता है. लोग तन, मन व धन से इस आयोजन में सहयोग करते हैं, तभी यह आयोजन सफल हो पाता है. उन्होने कहा कि प्रतिदिन पाठ कर रही महिला व ब्राह्मणों को दानदाताओं के द्वारा अल्पाहार की व्यवस्था की जाती है. पूर्व मंत्री ने कहा कि शारदीय नवरात्र के 10 दिनों तक इस आयोजन से पूरे शहर का वातारण भक्तिमय एवं राममय हो जाता है. यदि यह आयोजन नहीं हो तो शहर में नवरात्र एवं दशहरा का आनंद ही फीका पड़ जायेगा. महायज्ञ समिति के पदधारी पूरे मनोयोग से आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय रहते हैं.