बालूमाथ (लातेहार)। कोयला परिवहन में लगे हाईवा और भारी वाहनों से उड़ रहे धूलकण, सड़क जाम और दुर्घटनाओं की समस्या को लेकर व्यवसायिक संघ एवं स्थानीय लोगों ने बुधवार को टमटमटोला से प्रखंड सह अंचल कार्यालय तक पदयात्रा किया. टमटमटोला से शुरू हुई पदयात्रा छठ तालाब, जिला परिषद बस स्टैंड, थाना चौक, चेकनाका, शहीद चौक होते हुए प्रखंड सह अंचल कार्यालय पहुंचा जहां बालूमाथ अंचलाधिकारी को मांग पत्र सौंपकर बालूमाथ में भारी कोयला वाहनों के लिए नो-एंट्री लागू करने और बाईपास सड़क की व्यवस्था कराने की मांग की गई. मांगपत्र में कहा गया कि तुबेद, तेतरियाखाड़, आम्रपाली और मगध कोल परियोजनाओं से परिवहन में लगे भारी वाहनों से बालूमाथ की घनी आबादी वाले मुख्य मार्ग से होकर गुजरती हैं. जिससे सड़क पर वाहनों के आवागमन से लगातार धूल उड़ती है. इससे स्थानीय लोगों को स्वांस के साथ साथ अनेक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. स्कूली बच्चों एवं बुजुगों को भारी समस्या का सामना करना पड़ता है. भारी वाहनों के तेज रफ्तार से छोटे वाहनों के अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा बढ़ जाता है. व्यवसाई संघ ने मांग की है कि मुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक टमटमटोला से प्रखंड कार्यालय तक भारी वाहनों के प्रवेश पर नो एंट्री की व्यवस्था लागू की जाए. साथ ही कोयला बाहनों के लिए स्थायी बाईपास सड़क का निर्माण भी करायई जाए. संघ ने चेतावनी भी दी है, कि उनकी मांगों पर शीघ कार्रवाई नहीं होती है, तो बाध्य होकर व्यवसाई संघ आंदोलन करेगी. मांगपत्र की प्रतिलिपि झारखंड के मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, उपायुक्त लातेहार, जिला परिवहन पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी, एसडीपीओ बालूमाथ, थाना प्रभारी बालूमाथ सहित संबंधित कोल परियोजनाओं के अधिकारियों को भी दी गई है.