


कंपनी बिना ग्रामसभा की अनुमति के ही जिला प्रशासन के माध्यम से खनन कार्य शुरू करना चाहती है. यह सरासर गलत है. ग्राम सभा के निर्णय के बाद ही कंपनी को कोई कार्य यहां करना चाहिए. ग्रामीणों ने कहा कि वे किसी भी कीमत में विस्थापित होना नहीं चाहते हैं. कंपनी अगर जबरन जमीन को कब्जा करेगी तो आंदोलन किया जायेगा. उन्होने कहा कि आंदोलन को हम लोग हर गांव, टोला, मोहल्ला तक पहुंचा कर तेज करेंगे. ग्रामसभा में नावाडीह ग्राम प्रधान बनारस उरांव, हनुक उरांव, रामप्रसाद उरांव, दाले उरांव, सोमा उरांव ,बसन्ती देवी, नीरो देवी, गेरवा देवी और अन्य कई महिला व पुरुष उपस्थित थे.