बरवाडीह (लातेहार)। अंचल कार्यालय, बरवाडीह की कार्यशैली अब सवालों के घेरे में नहीं, बल्कि सीधे कटघरे में खड़ी है. झारखंंड मुक्ति मोर्चा के प्रखंड अध्यक्ष शशि भूषण तिवारी ने अंचल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने बताया कि झारखंड सरकार के निर्देश पर बीते चार नवंबर 2025 को बरवाडीह प्रखंड के पोखरी कला पंचायत सचिवालय में विशेष राजस्व शिविर का आयोजन किया गया था. शिविर में जमीन से जुड़ी समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर रैयतों ने कुल 154 आवेदन जमा किए थे, लेकिन हैरानी की बात यह है कि चार माह बीत जाने के बाद भी एक भी आवेदन का निष्पादन नहीं हुआ. श्री तिवारी ने आरोप लगाया कि अंचल अधिकारी लोकेश सिंह की निष्क्रियता के कारण भूमि संबंधी मामलों का अंबार लग गया है. उन्होंने कहा कि क्षेत्र भ्रमण के दौरान स्थानीय रैयतों से जानकारी मिली कि महीनों से लोग अंचल कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन सुनवाई के नाम पर केवल आश्वासन मिल रहा है. हालात ऐसे बन गए हैं कि जमीन विवाद बढ़ते जा रहे हैं और कई जगह भाई-भाई आमने-सामने खड़े हैं.
झारखंड आंदोलनकारियों का फूटा गुस्सा
इधर, झारखंड आंदोलनकारी विक्टर केरकेट्टा ने बताया कि अंचल अधिकारी की मनमानी कार्यशैली के विरोध में पूरे पलामू प्रमंडल के झारखंड आंदोलनकारियों ने 10 फरवरी को अंचल कार्यालय परिसर में रोषपूर्ण धरना प्रदर्शन किया था. आंदोलनकारियों ने अंचल अधिकारी को तत्काल प्रभाव से स्थानांतरित करने की मांग की, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं होने से आक्रोश और भड़कता जा रहा है.