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लातेहार

मजदूरों ने प्रखंड कार्यालय का घेराव किया, वीबी ग्रामजी का विरोध किया

लातेहार। शुक्रवार को मनिका प्रखंड मुख्यालय में ग्राम स्वराज मजदूर संघ, मनिका एवं अन्य सामाजिक संगठनों के द्वारा एक दिवसीय जनाक्रोश रैली एवं संकल्प सभा का आयोजन किया गया. इसमें मजदूरों ने मजदूरों ने वीबी ग्रामजी का विरोध किया. उन्होंने रैली में मनरेगा कानून सख्ती से लागू करो, केंद्र सरकार होश में आओ, लड़ेंगे जीतेंगे, दुनियाँ के मजदूर एक हों जैसे गगनभेदी नारे लगाए. रैली हाई स्कूल निकली गई और पंचफेड़ी तक गई. इसके बाद रैली प्रखंड परिसर पहुँचकर संकल्प सभा में तब्दील हो गई. संकल्प सभा में सर्वप्रथम पूर्व माले विधायक कामरेड महेंद्र सिंह को श्रदांजली दी गई. महेंद्र सिंह की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए भाकपा (माले) के प्रखंड सचिव मुनेश्वर सिंह ने प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने जीवन पर्यंत गरीब-गुरबों के अधिकारों के लिए खेत खलिहानों में संघर्ष करते हुए अपनी जान दे दी, उनके दुश्मनों ने भरी सभा में उनको गोलियों से छलनी कर दिया था. झारखण्ड नरेगा वाच के राज्य संयोजक जेम्स हेरेंज ने कहा कि केंद्र सरकार साजिशों के तहत मजदूरों उनके संवैधानिक अधिकारों से वंचित कर रही है. लोकसभा में जल्दबाजी में वीबी ग्राम जी कानून लाना इसी साजिश का हिस्सा है. नए कानून में 125 दिनों के काम देने बात सिर्फ छलावा है. जब 12 महीने काम की गारन्टी होने के बाद भी देश में औसतन 53 दिनों से अधिक किसी मजदूर को काम नहीं दे सकी तो 10 महीने में 125 दिन काम देने बात हजम नहीं होती. पहले कोई भी ग्रामीण परिवार काम की माँग किसी भी मौसम में मांग सकता था. सरकार काम देने के लिए बाध्य थी. भारत के सभी ग्रामीण क्षेत्रों के लिए लागू है. जितना काम माँगा जायेगा, उतना फण्ड केंद्र सरकार देगी. ग्राम सभाएँ स्थानीय जरूरतों के आधार पर योजनाओं का निर्धारण करती थीं और प्राथमिकताएँ तय करती थी. ग्रामीण निवासी साल में किसी भी समय (बरसात के समय भी) काम की माँग कर सकते हैं. जबकि नए कानून में राज्य सरकारें फसलों की बुआई और कटाई के चरम कृषि मौसमों के दौरान कुल 60 दिनों की अवधि अधिसूचित करेंगी, जिस दौरान कोई काम न दिया जायेगा और न ही मजदूरी. बायोमैट्रिक प्रमाणीकरण, जिओ फेशियल टेकनोंलॉजी और मोबाईल आधारित निगरानी पर अत्यधिक जोर, जिससे बहिष्करण का खतरा बढ़ेगा. केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित बजट के आधार पर काम उपलब्ध कराया जायेगा. केंद्र सरकार राज्यों के लिए एक “मानक आवंटन” तय करेगी. इससे अधिक खर्च होने पर राज्य सरकारों को स्वयं वहन करना पड़ेगा. संकल्प सभा में जेएमएम प्रखण्ड अध्यक्ष, नगीना बीबी, राजू उराँव, मकलदेव सिंह, मरियम तिर्की सुखदेव सिंह, सुखमनी देवी, शानियारो देवी, श्यामा सिंह, पचाठी सिंह, जितेन्द्र सिंह, राजेश्वर सिंह आदि लोगों ने भी अपने विचार रखे. आन्दोलन के अगले चरण में 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के दिन सभी ग्राम सभाओं से वी बी ग्राम जी कानून के विरुद्ध प्रस्ताव पारित कर सरकार को भेजने, दिल्ली में मनरेगा बचाओ संग्राम में मनिका से अधिक से अधिक लोग शामिल होने, 30 जनवरी को गाँधी शहादत दिवस में उपवास का कार्यक्रम और दो फ़रवरी नरेगा दिवस के दिन राँची मोराबादी में विशाल जनाक्रोश रैली में हजारों की संख्या में शामिल होने की अपील की गई. सभा का संचालन नरेगा सहायता केंद्र के लालबिहारी ने किया.

Ashish Tagore

Bureau Head Shubhamsanwad.com 9471504230/9334804555

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