राज्य
हाइवा आगजनी और गोलीबारी में संलिप्त प्रदीप गंझू गिरोह के 6 सदस्य गिरफ्तार
Kamril Arfee
बालूमाथ (लातेहार)। मगध कोलयरी एवं कुसमाही रेलवे कोल साइडिंग के समीप हाइवा में आगजनी और गोलीबारी काण्ड का पुलिस ने उद्भेदन करने में सफलता हासिल की है. जिले के पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव ने शनिवार को बालूमाथ थाना परिसर में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में इस मामले में जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस ने 2 कारतूस बाइक समेत 6 मोबाइल फोन एवं आगजनी की घटना के लिए प्रयुक्त पेट्रोल गैलन भी बरामद करने में सफल हुई है. पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव ने बताया कि जेल में बंद प्रदीप गंझू गिरोह के अंतरजिला गिरोह के गुर्गों ने घटना को अंजाम दिया था.

गुरुवार को मकईयाटाड कुशमाही साईडिंग जाने वाले मोड को पास तुबैद कोलयरी से कोयला लोड करके आ रहे एक हाईवा एंव मकईयाटाड के पास खडी एक अन्य हाईवा ट्रक को अज्ञात अपराधकर्मीयो के द्वारा आग लगा दिया गया था. फायरिंग की भी घटना को अंजाम दिया गया था. साथ ही TSPC के जेल में बंद कुख्यात अपराधी प्रदीप गंझू उर्फ मडल जी, पिता दामोदर गंझू, पिण्डारकोम, धाना बालूमाथ जिला-लातेहार के नाम का पर्चा भी फेका गया था. जिसमे लातेहार जिला के ट्रांसपोर्टरो, ठेकादारों कोयला व्यवसायी, बालू कारोबारी आदि को प्रदीप गंझू के नाम पर धमकी दिया गया था और लेवी नहीं देने वाले के विरुद्ध विध्वंसक कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई थी. जिसके आलोक में बालूमाथ थाना काण्ड सं0-134/24 दिनांक-02.12.2024 धारा-126 (1) /115(1)/109(1)/324(5)/324(6)/308(4) 1326(1) BNS, 27 Arms Act, & 17 CLA Act दर्ज की गई थी.
Advertisement
अनुसंधान के क्रम में यह बात प्रकाश में आई की इस घटना में अपराधिक गिरोह बनाकर सात अभियुक्तों द्वारा घटना कराई गई थी. जिसमें से छः अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है. उक्त छः अभियुक्तों ने अपना-अपना अपराध स्वीकार भी किया है. घटना में प्रयोग किये गये 02 अग्नेयास्त्र भी इनके निशानदेही पर बरामद किया गया है. इसके पूर्व भी इनके द्वारा एक अक्तूबर को मगध कोयलयारी के 20 नंबर काटा में एक लोडेड हाईवा को एव 18 अक्तूबर को चमातु गांव जाने से पहले पुलिया पर एक लोडेड हाईवा को इनके द्वारा आग लगा दिया गया था. सातो अभियुक्तों द्वारा आपराधिक गिरोह बनाकर TSPC के जेल में बंद कुख्यात अपराधी प्रदीप गड्नु उर्फ मंडल जी के नाम पर बालूमाथ, बारियातु, हेरहंज थाना क्षेत्र में कोयला ट्रांसपोर्टर, ठिकेदार एव व्यापारियों को धमकी देकर लेवी वसुलने का काम किया जाता था. इस गिरोह में शामिल कई सदस्य पूर्व में हत्या जैसे संगीन अपराधो में जेल जा चुके है. इसके अलावे बचे एक अन्य अभियुक्त के विरुद्ध छापामारी की जा रही है. जिसे अविलम्ब ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा. पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव ने यह भी कहा कि घटना के बाद राहुल सिंह नामक व्यक्ति ने सोशल मीडिया के माध्यम से घटना की जिम्मेवारी ली थी. पुलिस ने जांच के क्रम में इस दावे को असत्य पाया.





