लातेहार। स्थानीय विधायक प्रकाश राम ने टोरी रेलवे क्रासिंग में आरओबी का निर्माण कार्य शिलान्यास के बाद भी प्रारंभ नही होने का मुद्दा एक बार फिर उठाया है. उन्होने पिछले 10 दिसबंंर को विधानसभा सत्र में तारांकित प्रश्न के दौरान सरकार से प्रश्न किया कि क्या मुख्यमंत्री झारखंड व सड़क व परिवहन मंत्री केंद्र सरकार के द्वारा वर्षों पूर्व चंदवा रेलवे क्रांसिंग (टोरी) में ओवर ब्रिज बनाने के लिए संयुक्त रूप से शिलान्यास किया गया था. क्या ओवर ब्रिज नहीं बनने से परिहवन में रूकावट के कारण सैकड़ों बीमार लोगों के समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाने के कारण मृृृृत्यु हो चुकी है. उन्होने पूछा कि क्या यह सही है कि ओवर ब्रिज नहीं बनने से रेलवे क्रांसिंग मे घंटों वाहनों का परिचालन बाधित रहता है. इस पर झारखंड सरकार के पथ निर्माण विभाग के मंत्री ने जवाब दिया है. विभागीय अवर सचिव ने इस आशय की जानकारी विधायक प्रकाश राम को दी है. मंत्री ने अपने जवाब में कहा है कि आरओबी परियोजना के क्रियान्नवयन में विलंब का मुख्य कारण भू-अर्जन की प्रक्रिया के दौरान कार्य से संबंधित चंदवा मौजा में भूमि की प्रकृति में बदलाव एवं भू-अर्जन की राशि में हुई अत्यधिक बढ़ोतरी के कारण उत्पन्न मध्यस्थता वाद है. उन्होने बताया कि कार्य के एकरारनामा को फोरक्लोज़र करने के उपरांत आमंत्रित पुनर्निविदाओं में निविदाकारों द्वारा प्रतिभागिता अपर्याप्त होने के कारण निविदा की प्रक्रिया पूरी नहीं की जा सकी है. वर्तमान में भू-अर्जन के साथ-साथ कार्य से संबंधित सभी व्यवहारिक जटिलटाओं का निराकरण कर लिया गया है और भूमि की प्रकृति में बदलाव के कारण भू-अर्जन की अंतर राशि का वहन मंत्रालय के द्वारा नहीं किये जाने की स्थिति में इसका वहन राज्य सरकार के द्वारा किये जाने संबंधित प्रस्ताव मंत्रालय को भेजा गया है.