पुलिस और ग्रामीणों के बीच हिंसक झड़प, पुलिस ने की हवाई फायरिंग
एसआई समेंत 15 जवान घायल, तीन रांची रेफर
लातेहार। पांच फरवरी की रात सदर थाना क्षेत्र के कैमा गांव में पुलिस और ग्रामीणों के बीच हिसंक झड़प हुई. इसमें पुलिस के 15 जवान घायल हो गये. सभी घायलों का सदर अस्पताल में भर्ती कर इलाज कराया गया. इनमें से तीन जवानों को रिम्स रेफर कर दिया गया. इस झड़प में कई ग्रामीण भी घायल हुए हैं. उनका गांव में ही इलाज कराया गया. कैैैमा गांव के सहावीर टाना भगत और दिनेश टाना भगत ने बताया कि पुलिस चार वाहनों में तुबेद गांव गयी थी. इसी दौरान उन्होने कैमा गांव के दो युवक विशेष टाना भगत और संदीप टाना भगत को पकड़ कर ले जा रही थी. जब इस बात की जानकारी ग्रामीणों को हुई तो सभी ग्रामीण एकजुट हो गये और दोनो युवक को छोड़ने की मांग करने लगे. इतने में पुलिस की दो वाहन वहां से उन दोनो युवकों को ले कर चली गयी. तब ग्रामीणों ने पुलिस के दो वाहनों को गांव में रोक लिया और दोनो युवक को वापस लाने की मांग करने लगे. इतने में पुलिस एक और बस आयी. दोनो युवको को भी लाया गया. इसके बाद ग्रामीणों ने गांव के अखरा में बैठ कर पुलिस से वार्ता की. पुलिस ने दोनो युवक को छोड़ दिया. दोनो ने आगे बताया कि पुलिस गांव से चली गयी. लेकिन एक जवान जो काफी नशे में था वह उनके साथ नहीं जा सका. इसके बाद पुलिस गांव में फिर से आयी और उस जवान के बारे में पूछताछ करने लगी और कहने लगे कि आप लोगों ने एक जवान को बंधक बना लिया है. टाना भगतो ने आगे बताया कि उसी दौरान पुलिस ने लाठी चार्ज कर दिया. इसके बाद ग्रामीणो ने हाथ में जो मिला उससे पुलिस पर हमला कर दिया.ग्रामीणों ने बताया कि पुलिस ने तीन राउंड हवाई फायर भी की है. हालांकि सामाचार लिखे जाने तक सदर थाना में इस घटना को ले कर प्राथमिक दर्ज नहीं की गयी थी.
घायल पुलिस के जवान
इस घटना में पुलिस के 15 जवान घायल हो गये हैं. घायल जवानों में एसआई धर्मवीर कुमार सिंह, सलेंद्र कुमार सिंह (आईआरबी) प्रेमचंद पाण्डेय (आईआरबी) रामकिशोर उरांव (जैप) विजय कुमार सिंह (आईआरबी) तिलेश्फर लकड़ा (जैप) कन्हैया प्रसाद (आईआरबी) एसआई मोहन रविदास, एसआई रामाकांत गुप्ता, पुलिस लाइन के जवान राजेश झा) कृष्णा मुरारी, लोबिन मुरमू, गिरिवर प्रसाद, सत्यम कुमार और जवाहर उरांव घायल हैं. इनमें सलेंद्र कुमार सिंह, तिलेस्फर लकड़ा और रामकिशोर उरांव को बेहतर इलाज के लिए रिम्स रेफर किया गया है. जबकि ग्रामीणों में संदीप उरांव व निरंजन उरांव समेंत कई महिला व पुरूष घायल हैं.
ड्रोन का इस घटना से कोई लेना देना नहीं है: ग्रामीण
पुलिस का कहना है कि ग्रामीणों ने एक माह पहले कोयला खनन के लिए सर्वे करा रही कंपनी का ड्रोन जब्त कर लिया था. पुलिस गांव में उस ड्रोन को छुड़ाने गयी थी. इसी दौरान ग्रामीणो ने उन पर पत्थरो से हमला कर दिया. हालांकि पूछे जाने पर ग्रामीणों ने बताया कि ड्रोन का इस घटना से कोई लेना देना नहीं है. उन्होने बताया कि ग्रामीणों ने कंपनी का ड्रोन एक डेढ़ महीने पर जब्त किया था. ग्रामीणों ने बताया कि अगर कंपनी ड्रोन क्रय कर रसीद, आपरेटर का लाइसेंस व ग्रामसभा का अनुमति पत्र दिखा देती है तो उन्हें ड्रोन दे दिया जायेगा. ग्रामीणों नेे बताया कि गुुुुुरूवार रात की घटना गांव के दो युवकों को पकड़ कर ले जाने और ग्रामीणो के उपर लाठी चार्ज करने के बाद घटी है.
घटना के बाद पुलिस के वरीय अधिकारी गांव पहुंचे
गुरूवार की रात ग्रामीणों के द्वारा पुलिस वाहन व पुलिस के अधिकारी व जवानों को रोक कर रखे जाने की सूचना मिलते ही पुलिस गांव पहुंची. एसडीपीओ अरविंद कुमार के नेतृत्व में महिला व पुरूष पुलिस बल रात में ही गांव में पहुंच गयी थी. ग्रामीणों ने थाना प्रभारी प्रमोद कुमार सिन्हा व एसआई राजेश कुमार समेंत कुल आठ जवानों को गांव में ही रोक कर रखा था. इस घटना के बाद पुलिस महकमा में हड़कंप मच गया.