लातेहार। पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव की अध्यक्षता में जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में आत्मसमर्पण कर चुके नक्सलियों एवं उनके परिवारजनों के साथ एक समन्वय बैठक आयोजित किया जा रहे है. इसी क्रम में मंगलवार को मनिका थाना परिसर में पुलिस अधीक्षक श्री गौरव की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. बैठक में आत्मसमर्पित नक्सलियों एवं उनके परिवार को मिलने वाले लाभो पर विस्तार से चर्चा की गयी. इस दौरान उन्हें देय राशि एवं जमीन आवंटन के अतिरिक्त महत्वपूर्ण लाभों पर चर्चा की गयी. उनके बच्चों की शिक्षा, रोजगार के अवसर, कानूनी सहायता (वकील का खर्च), स्वास्थ्य लाभ और आयुष्मान कार्ड एवं बीमा सुरक्षा का चर्चा की गई. एसपी ने कहा कि बैठक का उद्देश्य केवल कागजी कार्रवाई नहीं, बल्कि झारखंड सरकार की”नई दिशा”आत्मसमर्पण नीति के आत्मसमर्पित नक्सलियों एवं उनके परिवारों की हर छोटी-बड़ी समस्या का त्वरित निराकरण करना है ताकि वे सम्मानजनक जीवन जी सकें. उन्होने कहा कि हिंसा छोड़ मुख्यधारा में शामिल होने वाले इन व्यक्तियों को समाज का हिस्सा बनाना लातेहार पुलिस एवं जिला प्रशासन की प्राथमिकता है. ज्ञात हो कि वर्ष 2025 से अबतक झारखंड सरकार की “नई दिशा” आत्मसमर्पणनीति के तहत मनिका थाना क्षेत्र में नौ एवं पूरे लातेहार जिले में कुल 51 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है. यह पूरे प्रदेश में सर्वाधिक है. बैठक में पुलिस उपाधीक्षक संजीव मिश्रा, प्रखंड विकास पदाधिकारी संदीप कुमार, थाना प्रभारी प्रभात कुमार, सब इंस्पेक्टर अवनीश कुमार, महेंद्र नाथ शर्मा, नरेंद्र सिंह व राजेश सिंह समेंत आत्मसमर्पित नक्सली बल्केश्वर उरांव, दामोदर यादव, ललन यादव, आनंद सिंह की पत्नी, वैद्यनाथ सिंह की पत्नी, वीरेंद्र यादव की पत्नी, मुकेश राम का भाई, सरवन सिंह के पिता आदि मौजूद थे.