लातेहार। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश शेषनाथ सिंह की अदालत ने एनडीपीएस मुकदमा संख्या 19/24 की सुनवाई करते हुए अवैध रूप से अफीम रखने और तस्करी करने के आरोपी विमल गंझू को अधिकतम 20 वर्षों का सश्रम कारावास और ₹200000 जुर्माना, जुर्माना नहीं देने पर 1 वर्ष का अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा सुनाया है। मालूम हो गत 19 मार्च 2024 को तत्कालीन थाना प्रभारी बरियातू राजा दिलावर ने पुलिस अधीक्षक के आदेश पर बरियातू थाना क्षेत्र के श्रीसमाध गांव के विमल गंझू के घर पर छापामारी किया था। छापामारी में एसडीपीओ आशुतोष कुमार सत्यम समेत पुलिस बल उपस्थित थे। बरियातू थाना क्षेत्र के श्रीसमाध गांव में पुलिस दल के पहुंचते ही विमल गंझू घर से भाग खड़ा हुआ था। जिसे पुलिस बल द्वारा बाद में पकड़ कर जेल भेजा गया था। छापामारी दल ने गवाहों की उपस्थिति में विमल गंझू के घर की तलाशी ली थी। जिसमें दो पॉलिथीन में कुल 4 किलो 77 ग्राम अफीम जप्त किया गया था। जब्ती की विधिवत कार्रवाई के बाद जब्त सामग्री को थाना मलखाना में सुरक्षित रखा था और कुछ सामग्री को जांच के लिए फोरेंसिक लेबोरेटरी रांची भेजा गया था। जांच के बाद जब्त सामग्री अफीम डोडा के रूप में डिक्टेट हुआ था। जिला अभियोजन पदाधिकारी शिव शंकर राम के अनुसार उक्त मुकदमे की सुनवाई के दौरान उन्होंने कुल 10 गवाहों को न्यायालय में पेश किया। गवाहों ने मामले का समर्थन किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के उपरांत श्री सिंह की अदालत ने विमल गंझू को एनडीपीएस की धारा 17 सी के अनुसार 20 वर्षों का सश्रम कारावास एवं दो लाख रुपए जुर्माना जुर्माना, राशि अदा नहीं करने पर 1 वर्ष का अतिरिक्त सश्रम कारावास ,एनडीपीएस की धारा 18 बी के तहत 20 वर्षों का सश्रम कारावास एवं ₹200000 जुर्माना ,जुर्माना नहीं देने पर एक वर्ष का अतिरिक्त सश्रम कारावास तथा एनडीपीएस की धारा 22c के तहत 20 वर्षों का सश्रम कारावास ₹200000 जुर्माना और जुर्माना नहीं देने पर 1 वर्ष का अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा सुनाया है। श्री सिंह की अदालत ने सभी सजाएं एक साथ चलाने का आदेश पारित किया है। इस आदेश के बाद अफीम के तस्करों में हड़कंप मची हुई है। इसके तीन दिनों पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम दिनेश कुमार मिश्रा की अदालत ने एक मामले में सजा सुनाया था।