महुआडांड़ (लातेहार)। महुआडांड़ प्रखंड में मोहर्रम का पर्व शुक्रवार को पूरी श्रद्धा, अकीदत, शांति और आपसी सौहार्द के वातावरण में मनाया गया। प्रखंड मुख्यालय सहित लुरगुमी, शाहपुर, परहाटोली, ओरसा, कापू, हामी, मायापुर तथा अन्य गांवों के इमामबाड़ों से मोहर्रम के पहलाम का जुलूस निकाला गया। निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए जुलूस पुनः अपने-अपने इमामबाड़ों में पहुंचकर संपन्न हुआ। जुलूस के दौरान श्रद्धालुओं ने “या अली”, “या हुसैन” के नारों से वातावरण को गूंजायमान कर दिया। बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए और इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हुए मातमी जुलूस में शरीक हुए। महुआडांड़ मुख्यालय में सुबह करीब आठ बजे जरहाटोली से पहलाम का जुलूस प्रारंभ हुआ। जुलूस गुरगुटोली, अंबवाटोली, महुआडांड़ बाजार, डीपाटोली, बिरसा चौक और फुलवार बगीचा होते हुए पुनः गुडगुटोली पहुंचकर संपन्न हुआ। वहीं लुरगुमी, शाहपुर, परहाटोली, ओरसा, कापू, हामी, मायापुर सहित अन्य गांवों में दोपहर करीब दो बजे जुलूस निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने भाग लिया।जुलूस के आकर्षण का केंद्र खिलाड़ियों द्वारा प्रस्तुत पारंपरिक हैरतअंगेज करतब रहे। युवाओं ने लाठी, डंडा, तलवार एवं अन्य पारंपरिक युद्धक कलाओं का शानदार प्रदर्शन किया, जिसे देखने के लिए मार्ग के दोनों ओर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। करतब दिखाने वाले खिलाड़ियों का विभिन्न स्थानों पर स्वागत किया गया तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को पुरस्कार देकर सम्मानित भी किया गया।प्रखंड के विभिन्न गांवों में आकर्षक ताजिए भी स्थापित किए गए थे। श्रद्धालुओं ने ताजियों के साथ जुलूस में भाग लेकर मोहर्रम की परंपरा का निर्वहन किया। पूरे आयोजन के दौरान आपसी भाईचारा, अनुशासन और सौहार्द का माहौल देखने को मिला।मोहर्रम जुलूस को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। जुलूस मार्गों पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे तथा संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती की गई थी। प्रशासनिक अधिकारी लगातार जुलूस की निगरानी करते रहे, जिससे पूरे प्रखंड में मोहर्रम का आयोजन शांतिपूर्ण एवं सकुशल संपन्न हुआ। मौके पर परहाटोली खलीफा सहबुब मियां नायब खलीफा शमीम अहमद,परहाटोली सदर शहीद अहमद, सेक्रेटरी रसीद हजाम, इस्तियाक शाह, महमूद आलम, मो मुस्तकीम,हादी हसन, शहुद आलम, सहित सैकड़ो अकीदतमंद शामिल थे।