लातेहार
पुलिस के हत्थे चढ़ा माओवादी रिजनल कमांडर रविंद्र गंझू पर दर्ज हैं 154 मामले

लातेहार। पुलिस ने भाकपा माओवादियों के रिजनल कमांडर रविंद्र गंझू उर्फ मुकेश गंझू उर्फ सुरेंद्र गंझू ( 43) पिता रामब्रत गंझू (हेेेेेसला, बांझी टोला, बेतर, चंदवा) को गुप्त सूचना के आधार पर उसके घर के पास से गिरफ्तार किया है. उस पर राज्य सरकार ने 15 लाख एवं एनआईए ने पांच लाख रूपये इनाम की घोषणा की थी. वह करीब 30 वर्षों से भाकपा माओवादियों के साथ जुड़ा है और पुलिस एवं सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में शामिल रहा है. रविंद्र गंझू चंदवा, गुमला व लोहरदगा एरिया में सक्रिय रह कर लेवी वसूलना, क्षेत्र के विकास कार्यों में बाधा पहुंचाना और आम जनता व सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने जैसे जघन्य घटनाओं में शामिल रहा है. उसने सुरक्षा बल व पुलिस को काफी क्षति पहुंचायी है.
पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव ने रविंद्र गंझू को गिरफ्तार किये जाने की जानकारी एक प्रेस वार्ता में साझा की. उसके पास से पुलिस ने एक स्वचलित एके 56, 180 चक्र जिंदा कारतूस, ऑटोमैटिक पिस्टल, इसका 12 चक्र जिंदा कारतूस, एक देशी रायफल (सिंंगल बैैैैरल) समेंत अन्य 37 जिंदा कारतूस बरामद किया है.
छापामारी अभियान में शामिल पुलिस अधिकारी
छापामारी अभियान में कोबरा 209 बटालियन के उप कमांडेंट दीपक कुमार, पुअनि सह ओपी प्रभारी बेतर रितेश कुमार राव, पुअनि रितेश तिग्गा, सअनि मजलू कालिंदी, कोबरा 209 के सशस्त्र जवान, सेट-45 के सशस्त्र बल, आरक्षी राहुल कुमार दुबे और पियुष पन्ना शामिल थे.
पुलिस व सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में शामिल रहा है रविंद्र गंझू
रविंद्र गंझू पर लातेहार, लोहरदग्गा व गुुुुमला जिलों के विभिन्न थानों में 154 मामले दर्ज हैं. इनमें लातेहार जिला में 40, लोहरदग्गा में 87 और गुमला जिला में 27 मामले हत्या, आगजनी व अन्य संगीन मामलों में दर्ज हैं. एक फरवरी 2012 में पुलिस दल की सरकारी वाहन में ब्लास्ट करने की घटना में रविंद्र गंझू शामिल था. इस घटना में तीन पुलिस जवान शहीद हो गये थे. सात जनवरी 2013 में बरवाडीह के कटिया जंगल मुठभेड़ में भी यह शामिल था. इस घटना में सीआरपीएफ के 11 जवान शहीद हो गये थे. आठ जनवरी 2013 को कटिया जंगल से शहीद जवानों का शव उठाने के क्रम में हुई बम विस्फोट में तीन ग्रामीणों की मौत हो गयी थी, इस कांड में भी रविंद्र गंझू शामिल था. 22 नवंबर 2019 को चंदवा के लुकईया मोड़ के पास भाकपा माओवादी के द्वारा पुलिस की पीसीआर वैन में हमला किया गया था. इस हमले में चार पुलिस जवान शहीद हुए थे और माओवादियों ने पुलिस के हथियार भी लूट लिये थे. इस हमले में भी रविंद्र गंझू शामिल था. 20 नवंबर 2021 को लातेहार के रिचुघुटा व डेमू के बीच विस्फोट कर रेलवे लाइन उड़ा देने, 16 जनवरी 2021 को बंदरलेटा जंगल में लैंड माइंस विस्फोट में एक महिला की मौत होने, 14 मई 2022 को बांकरचा रोड कंस्ट्रक्शन साईट में कुल नौ वाहनों में आग लगाने, 16 फरवरी 2021 को पेशरार के बुलबुल जंगल के पास आईइडी ब्लास्ट में ग्रामीण हीरालाल भगत की मौत, 18 अगस्त 2021 को आइइडी ब्लास्ट में ग्रामीण बुद्धेश्वर नगेशिया की मौत, 22 दिसंबर लैंड माइंंस ब्लास्ट में सेरेनदाग के चपाल गांव के पास सुपाल तूरी की मौत, 16 नवंबर 2020 को एसपीओ जागीर उरांव की गोली मार कर हत्या, 11 नवंबर 2020 को कोनगढ़ा गांव में पुल निर्माण कार्य में लगे मुंशी विक्की कुमार गुप्ता का अहपरण कर हत्या करने एवं जेसीबी मशीन में आग लगाने, 13 जून 2019 को पुलिस मुखबरी के आरोप में विशुनपुर के बानालात ग्राम निवासी ब्रजेश साहू की गोली मार कर हत्या करने, 30 नवंबर 2019 को विधानसभा चुनाव के दौरान पुल को विस्फोट कर उड़ा देने, 12 दिसंबर 2019 को माओवादियों के प्रेशर बम विस्फोट से एतवा परहैया, घघरी की मौत, 25 दिसंबर 2019 को आइइडी विस्फोट में लकड़ी काटने जंगल में गयी यमुना कुमारी की मौत आदि हिंसक घटनाओं में रविंद्र गंझू शामिल था.



