बालूमाथ (लातेहार)। जल एवं पर्यावरण की रक्षा के संकल्प के साथ झांसी से रामेश्वरम तक पैदल यात्रा में निकले सतीश कुमार अपनी यात्रा के 36वें दिन बालूमाथ पहुंचे. हाथों में तिरंगा तथा मर्यादा पुरुषोत्तम के झंडे के साथ ‘जल है तो कल है, जल का सम्मान, जीवन का अभिमान. पेड़ बचाओ, जीवन बचाओ, एक कदम जल के लिए, हजार कदम भविष्य के लिए’ जैसे संदेश को लेकर पदयात्रा कर रहे सतीश कुमार तमिलनाडु स्थित रामेश्वरम तक पैदल यात्रा करेंगे.
रामेश्वरम में जल अर्पण कर अपनी यात्रा पूर्ण करेंगे. उन्होंने बताया कि 11 जून को झांसी से यात्रा की शुरुआत हुई थी. इस पैदल यात्रा के 36 वें दिन बालूमाथ पहुंचा हूं. रांची, जमशेदपुर, बहरागोड़ा होते हुए भुवनेश्वर, से चेन्नई होते हुए रामेश्वरम तक पैदल चलकर पहुंचना है. सतीश कुमार ने बताया कि यात्रा के दौरान लोगों के द्वारा उपलब्ध कराए गए अन्न ग्रहण करता हूं. दिन ढलने के बाद जहां भी रात्रि विश्राम के लिए जगह मिलती है, रात गुज़ार कर आगे की यात्रा की ओर अनवरत बढ़ता रहता हूं. उन्होंने बताया कि जल एवं पर्यावरण का संरक्षण करना मानव का सबसे बड़ा कर्तव्य है. हम सब को यह संकल्प लेना चाहिए कि जल और पर्यावरण के संवर्धन के लिए सदैव कार्य करेंगे तथा इसके संरक्षण के लिए अपना योगदान अवश्य देंगे.