लातेहार
डिग्री कॉलेज की मूलभूत समस्याएं को लेकर प्राचार्य से मिले सचिव


लातेहार। झारखंड छात्र मोर्चा के नीलाम्बर पीताम्बर विश्वविद्यालय सचिव उत्तम कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय के सौतेला व्यवहार के कारण अभी तक डिग्री महाविद्यालय, मनिका को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिली है. अभी तक इलेक्ट्रिक पैनल नहीं मिला है. जबकि अन्य लगभग सभी कॉलेजों में इलेक्ट्रिक पैनल की सुविधा है. उन्होंने महाविद्याल के लगातार हो रहे रील के शूटिंग पर विश्वविद्यालय कड़ी नाराजगी जाहिर की है और इस पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है. महाविद्यालय में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए श्री कुमार ने प्राचार्य से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने कॉलेज परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरा लगाने, कॉलेज में जल्द से जल्द शिक्षकों की नियुक्ति करने, कॉलेज के पुस्तकालय और विज्ञान प्रयोगशाला को छात्रों के उपयोग में लाने की मांग की. उन्होंने कहा कि डिग्री महाविद्यालय, मनिका की मूलभूत समस्याओं को ले कर से जूझ रहा है. एक ओर जहां राज्य की हेमंत सरकार लगातार उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए अथक प्रयास कर रही है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय डिग्री महाविद्यालय मनिका, विश्वविद्यालय के सौतेलेपन रवैये के कारण अपने मूलभूत समस्याओं से गुजर रहा है. यूजीसी के नियमानुसार प्रत्येक 40 छात्रों में एक शिक्षक अनिवार्य है लेकिन महाविद्यालय में लगभग 1000 छात्रों में महज सात शिक्षक ही है अपनी सेवा दे रहे हैं. श्री कुमार ने बताया कि वर्तमान दौर में जहां हमारा राज्य शिक्षा के क्षेत्र में अहम भूमिका निभा रहा है वहीं दूसरी ओर मनिका का एकमात्र सरकारी डिग्री कॉलेज विश्वविद्यालय का सौतेलापन झेल रहा है,. आलम तो यह है कि महाविद्यालय के समाजशास्त्र के शिक्षक को सप्ताह में तीन दिन के लिए गढ़वा भेज दिया गया है जिससे यहाँ के छात्रों को नुकसान हो रहा है, आज लगभग चार वर्षों से महाविद्यालय में हिंदी के शिक्षक नहीं है. तीन वर्षों से इतिहास के शिक्षक नहीं है, महाविद्यालय प्रारंभ होने के बाद आज तक महाविद्यालय को अर्थशास्त्र के शिक्षक नहीं मिले हैं. विज्ञान की पढ़ाई प्रारंभ होने के बाद आज तक यहां शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हो पाई है. कुछ महीने पहले कॉलेज में प्रभारी प्राचार्य मृत्युंजय कुमार दीपक की नियुक्ति हुई. जिसके बाद से महाविद्यालय के विज्ञान के छात्रों को रसायन विज्ञान के शिक्षक मिले हैं. आगे उन्होंने बताया कि महाविद्यालय में रखे लाखों की किताबें धूल फांक रही हैं. महाविद्यालय का विज्ञान प्रयोगशाला बस एक कमरे में सीमित रह गया है उसका किसी प्रकार से कोई उपयोग नहीं है. इस मुलाकात के दौरान प्राचार्य ने बताया कि फिलहाल महाविद्यालय में इतिहास के दो शिक्षक, हिंदी के दो शिक्षक,अंग्रेजी के एक शिक्षक, उर्दू के एक शिक्षक,भौतिकी के दो शिक्षक, रसायन विज्ञान के एक शिक्षक,गणित के दो शिक्षक, लाइफ़ साइंस के दो शिक्षक, कॉमर्स के एक शिक्षक, अर्थशास्त्र के दो शिक्षक व समाजशास्त्र के एक शिक्षक कुल 17 और शिक्षकों की आवश्यकता है. कुमार ने बताया कि शिक्षकों की कमी की जानकारी विश्वविद्यालय के कुलपति दिनेश सिंह को दूरभाष एवं व्हाट्सएप्प के माध्यम से बताई गई है. अगर समय पर इन शिक्षकों की नियुक्ति नहीं होती है झारखंड छात्र मोर्चा विश्वविद्यालय का घेराव करेगी. इस मुलाकात के दौरान झारखंड छात्र मोर्चा पलामू के जिलाध्यक्ष सुमित कुमार पाठक एवं अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे.