लातेहार
एसएसबी की 32वीं बटालियन ने किया मिनी मैराथन दौड़ एवं जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

लातेहार। सशस्त्र सीमा बल, लातेहार की 32 वीं बटालियन के कमांडेंट राजेश सिंह के नेतृत्व स्वतंत्रता दिवस समारोह-2026 के अवसर में बटालियन के तत्वावधान में मिनी मैराथन दौड़ एवं जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन चार अगस्त को किया गया. कार्यक्रम का शुभारंभ डालडा फैक्ट्री स्थित बटालियन के मुख्यालय में आयोजित जन-जागरूकता कार्यक्रम किया गया. जिसमें अधिकारियों, अधीनस्थ अधिकारियों, जवानों तथा स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया. इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने स्वतंत्रता दिवस समारोह-2026 को पूरे उत्साह एवं गरिमापूर्ण ढंग से मनाने तथा अधिकाधिक जनसहभागिता सुनिश्चित करने का संकल्प लिया. इसके बाद मिनी मैराथन दौड़ का शुभारंभ बटालियन के मुख्यालय से किया गया. यह दौड़ नवरंग चौक और लातेहार सहित नगर के प्रमुख मार्गों से होकर पुनः बटालियन मुख्यालय पहुँचकर संपन्न हुई. मैराधन के दौरान एसएसबी के जवानों ने “हर घर तिरंगा”, “वंदे मातरम्” तथा अन्य देशभक्ति से ओत-प्रोत नारों के माध्यम से आमजन को स्वतंत्रता दिवस समारोह-2026 के प्रति जागरूक किया तथा राष्ट्रप्रेम एवं राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया. मिनी मैराथन में अधिकारियों एवं जवानों के साथ बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, युवाओं एवं विद्यार्थियों ने भी उत्साहपूर्वक अपने सहभागिता निभाई. इस अवसर पर कमांडेंट राजेश सिंह ने अपने संदेश में कहा कि स्वतंत्रता दिवस समारोह-2026 के अंतर्गत आयोजित विभिन्न जन-जागरूकता कार्यक्रमों का उद्देश्य आमजन में राष्ट्रप्रेम, राष्ट्रीय एकता एवं सामाजिक सहभागिता की भावना को सुदृढ़ करना है. उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे स्वतंत्रता दिवस समारोह में बढ़-चढ़कर भाग लें तथा इस राष्ट्रीय पर्व को हर्षोल्लास एवं गौरव के साथ मनाएँ. उन्होंने यह भी कहा कि सशस्त्र सीमा बल नक्सल विरोधी अभियानों के साथ-साथ समाज हित एवं जनकल्याण से जुड़े कार्यक्रमों के आयोजन में भी सदैव अग्रणी भूमिका निभाता रहा है तथा भविष्य में भी ऐसे जन-जागरूकता एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़े अभियानों का निरंतर आयोजन करता रहेगा. इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्वतंत्रता दिवस के प्रति आम नागरिकों, युवाओं एवं छात्राओं में देशभक्ति की भावना को प्रोत्साहित करना, राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता का संदेश प्रसारित करना तथा स्वास्थ्य एवं फिटनेस के प्रति जागरूकता बढ़ाना था.



