लातेहार। लाख दवा और दुआओं के बाद भी जन-संग्राम की एक बुलंद आवाज हमेशा के लिए खामोश हो गई. मनिका प्रखंड क्षेत्र सहित जिले एवं देश स्तर में गरीबों और वंचितों के अधिकारों के लिए जिंदगी भर संघर्ष करने वाली सामाजिक कार्यकर्ता व नामुदाग पंचायत की पूर्व मुखिया श्यामा सिंह का निधन हो गया. वह जहरीले ब्लैक कोबरा के डसने के बाद पिछले 19 दिनों से जिंदगी की जंग लड़ रही थीं. पिछले 18 जुलाई को श्यामा सिंह को उनके अपने घर में सांप ने डस लिया था. घटना के दो घंटे के भीतर उन्हें तुंबागड़ा मिशन अस्पताल में भर्ती कराया गया. डॉक्टरों की विशेष टीम द्वारा उनका अनवरत ईलाज चलता रहा. लेकिन जहर का असर इतना गहरा था कि वे शुरुआत से लेकर अंतिम क्षणों तक होश में नहीं आ सकीं. आखिरकार बुधवार सुबह पौने नौ बजे वे जिंदगी की यह जंग हार गईं और उन्होंने अपनी अंतिम सांस ली. अभिनेता अमीार खान ने अपने लोकप्रिय टीवी शो सत्यमेव जयते में उनके जुझारूपन के लिए 20 जनवरी 2014 को सम्मानित किया था. उनके निधन पर सामाजिक कार्यकर्ता जेम्स हेरेंज ने गहरा दुख व्यक्त किया. उन्होने कहा कि श्यामा सिंह की पहचान मनिका में एक निडर जननेत्री की रही है. मुखिया के रूप में उन्होंने मनरेगा कानून, सूचना अधिकार कानून, वन अधिकार, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा जैसे ब्यापक जनहित के कानूनों को संसद से पारित कराने में सड़क की लड़ाई में अग्रिम पंक्ति में खड़ी रहीं. सिर्फ राजनीतिक मुद्दे नहीं उन्होंने अपने समाज की आंतरिक बेडियों को तोड़ा और श्यामा देवी के बजाय श्यामा सिंह के रूप में एक नई सामाजिक लकीर खींची. उनके असामयिक निधन पर देश के प्रसिद्द अर्थशास्त्री ज्यां द्रेज ने भी गहरी संवेदना जताई. जन अधिकारों के संघर्ष के वरिष्ठ साथी व सर्वोच्च न्यायालय पूर्व राज्य सलाहकार सदस्य बलराम ने भी श्यामा के निधन पर गहरा शोक ब्यक्त किया है. दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सभी ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और इसे क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति बताया. उनके निधन से पूरे मनिका प्रखंड और लातेहार जिले में शोक की लहर है.