बालूमाथ (लातेहार)। प्रस्तावित नॉर्थ धाधू वेस्टर्न पार्ट कोयला खनन परियोजना को लेकर हेमपुर, भैसादोन, नावाडीह, सेमरसोत, चितरपुर, धांधू के विस्थापित एवं प्रभावित ग्रामीणों ने प्रस्तावित जनसुनवाई रद्द करने की मांग को लेकर राज्यपाल, मुख्यमंत्री, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, उपायुक्त लातेहार एवं अंचलाधिकारी बालूमाथ को आवेदन प्रेषित किया है. ग्रामीणों के प्रतिनिधिमंडल ने आवेदन के माध्यम से परियोजना से होने वाले संभावित प्रभावों को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है. ग्रामीणों का कहना है, कि कोयला खनन परियोजना से क्षेत्र के जल, जंगल और जमीन पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है. गांव के विस्थापन से वर्षों पुरानी संस्कृति, सामाजिक व्यवस्था, आजीविका और स्थानीय पहचान प्रभावित होने की आशंका है. ग्रामीणों ने पूर्व में संचालित कोयला परियोजनाओं का हवाला देते हुए कहा कि स्थानीय लोगों को अपेक्षित रोजगार, मूलभूत सुविधाएं, उचित मुआवजा एवं पुनर्वास का लाभ नहीं मिल पाया है. आवेदन में ग्रामीणों ने वायु एवं जल प्रदूषण, भू-जल स्तर में गिरावट, कृषि भूमि के प्रभावित होने, ब्लास्टिंग से मकानों में दरार पड़ने तथा स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की आशंका जताई है. साथ ही ग्रामसभा की सहमति एवं स्थानीय ग्रामीणों के अधिकारों की अनदेखी किए जाने का आरोप लगाया है. ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रखंड मुख्यालय में प्रस्तावित जनसुनवाई को तत्काल रद्द किया जाए तथा प्रभावित ग्रामीणों की सहमति और न्यायपूर्ण पुनर्वास योजना सुनिश्चित किए बिना खनन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई जाए. साथ ही क्षेत्र के जल, जंगल, जमीन, पर्यावरण और ग्रामीणों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई है. ग्रामीणों ने कहा कि यदि उनकी मांगों को नजरअंदाज कर प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाती है, तो वे लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करने को बाध्य होंगे. आवेदन के साथ ग्राम सभा की छायाप्रति भी संलग्न की गई है.