लातेहार। पंचायत पंचायत समिति सदस्य ( कामता, चंदवा) अयूब खान ने कहा कि पंचायत के दामोदर गांव के किसानों की दर्जनों एकड़ मे लगी फसल बर्बाद हो गया है. उन्होने बताया कि शत प्रतिशत धान के पौधे पीला हो कर झुलस गए है. धान की फसल देखकर किसानों की चेहरे भी सुखने लगे हैं. उन्होने आरोप लगाया कि जिन किसानों ने दामोदर गांव स्थित जोबया, कामता लैंम्पस से सरकारी धान बीज की खरीदारी कर धनरोपणी की उनकी फसल नष्ट हो गयी है. अयूब खान ने बताया कि इसकी जानकारी किसानों के द्वारा दिये जाने पर उन्होने मंगलवार को दामोदर गांव पहुंचकर किसानों से मुलाकात कर जानकारी ली. खेत में लगी धान की फसल का जायजा लिया. किसान रामलाल उरांव, झालो देवी, बसंती देवी. व राजो देवी ने उन्हें बताया कि दो पॉकेट 50 किलो धान बीज जोबया स्थित कामता लैम्पस से खरीदकर दो एकड़ की भूमि में लगाया था. खेतों में बीज बोने के बाद खाद, पानी और अन्य कृषि कार्य भी किया. जमीन से एक फीट उपर तक धान की फसल ठीक थी. उसके बाद फसल पीला होकर सूख कर मरने लगाा. उन्होने कहा कि इस समय धान की फसल जिस स्थिति में उससे लगता है कि कुछ भी कर देने से धान की फसल नहीं हो पाएगी. किसान बताते है की धान की पैदावार होने से सपरिवार को साल भर खाने के लिए हो जाता था और खेत में जो लागत होती थी उसे धान बेचकर निकाल लेते थे. किसान कह रहे हैं कि इस बार क्या खाएँगे. बच्चों का भरण पोषण कैसे होगा, इसकी चिंता उन्हें सता रही है. अयूब खान ने बताया कि इलाके में ऐसे दर्जन से अधिक किसान हैं जिन्होने कामता लैंम्पस से धान बीज लेकर खेतों में लगाया था और उन सभी की धान पीला होकर सुख गया है. किसान नेता सह पंचायत समिति सदस्य अयुब खान ने बर्बाद हुए फसल का सर्वे कराने, बीज की गुणवत्ता की जांच कराने और नुकसान का मुआवजा दिलाने की मांग उपायुक्त से की है.