लातेहार। पैरा लीगल वॉलंटियर (पीएलवी) इंद्रनाथ प्रसाद ने कहा कि यदि आपके परिवार में कोई सदस्य मानसिक बीमारी से ग्रसित है अथवा मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना कर रहा है, तो घबराएँ नहीं और न ही उसे समाज से अलग करें. ऐसे व्यक्ति को उचित चिकित्सा, परिवार का सहयोग, सम्मान और कानूनी संरक्षण प्राप्त करने का अधिकार है. वे भी समाज का एक हिस्सा हैं. श्री प्रसाद ने आगे कहा कि मानसिक स्वास्थ्य देखभाल एवं मानसिक बीमारी से ग्रसित व्यक्तियों के कानूनी अधिकारों की जानकारी और मार्गदर्शन के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकार के पैरा लीगल वॉलंटियर (पीएलवी), लीगल एड क्लिनिक, महुआडांड़ में या मोबाइल नंबर 97717 03101 पर संपर्क कर सकते हैं. उन्होने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य देखभाल में मानसिक समस्याओं की पहचान, चिकित्सकीय परामर्श, उपचार, काउंसलिंग, निर्धारित दवाइयाँ, पुनर्वास तथा सामाजिक सहयोग शामिल हैं. मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के लिए योग्य चिकित्सक अथवा मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए. मानसिक बीमारी कोई कलंक नहीं है. उचित उपचार, देखभाल और परिवार के सहयोग से प्रभावित व्यक्ति के जीवन की गुणवत्ता में सुधार हो सकता है. उन्होने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य देखरेख अधिनियम, 2017 (Mental Healthcare Act, 2017) के अंतर्गत ऐसे व्यक्तियों को मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं का अधिकार, सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार, गोपनीयता का अधिकार, उपचार संबंधी जानकारी का अधिकार, समाज में रहने का अधिकार, अमानवीय व्यवहार से सुरक्षा, निःशुल्क कानूनी सहायता का अधिकार प शिकायत करने का अधिकार समेंत अन्य कई कानूनी अधिकार प्राप्त हैं. उन्होने कहा कि यदि को ऐसा प्रभावित व्यक्ति मिलता है तो उसे चिकित्सक या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ के पास ले जाए और उसके साथ प्रेम, धैर्य और सम्मानपूर्वक व्यवहार करें. उसका मजाक न उड़ाएँ और न ही उसे अपमानित करें.