महुआडांड़ ( लातेहार)। महुआडांड़–मेदिनीनगर मुख्य पथ पर स्थित राजदंडा पुल के क्षतिग्रस्त होने से क्षेत्र में आवागमन की समस्या गंभीर हो गई है. इस मार्ग से गुजरने वाले आम नागरिकों और पर्यटकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. जनहित से जुड़े इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मनिका विधानसभा क्षेत्र के विधायक सह झारखंड विधानसभा के सभापति रामचंद्र सिंह ने पथ निर्माण विभाग, झारखंड के प्रधान सचिव को पत्र लिखकर वैकल्पिक डायवर्सन निर्माण की स्वीकृति देने की मांग की है. अपने पत्र में उन्होने उल्लेख किया है कि महुआडांड़ से लगभग तीन किलोमीटर की दूरी पर स्थित राजदंडा पुल पिछले महीने हुई तेज बारिश के दौरान बाढ़ के कारण क्षतिग्रस्त हो गया था. पुल के क्षतिग्रस्त होने से इस मार्ग पर आवागमन बाधित हो गया है, जिसके कारण लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. वर्तमान में लोगों को वैकल्पिक मार्ग से होकर अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए लगभग 20 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है. इससे न केवल स्थानीय लोगों को परेशानी हो रही है, बल्कि महुआडांड़ और नेतरहाट आने-जाने वाले पर्यटकों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. विधायक ने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि राजदंडा पुल के स्थान पर नए पुल के निर्माण की स्वीकृति विभाग की ओर से प्रदान की जा चुकी है, लेकिन वैकल्पिक डायवर्सन के निर्माण को लेकर अब तक स्वीकृति नहीं मिल पाई है. डायवर्सन निर्माण का प्राक्कलन कार्यपालक अभियंता, पथ प्रमंडल लातेहार द्वारा पथ निर्माण विभाग को पहले ही समर्पित किया जा चुका है. उन्होंने कहा कि नए पुल के निर्माण में लगभग दो वर्ष का समय लग सकता है, ऐसे में यदि जल्द डायवर्सन निर्माण की स्वीकृति नहीं मिलती है, तो क्षेत्र के लोगों को लंबे समय तक आवागमन संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है.