बालूमाथ (लातेहार)। पवित्र-माह-ए-रमजान के अंतिम शुक्रवार को अलविदा जुमे की नमाज पूरे अकीदत और एहतेराम से अदा की गई. मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के आह्वान पर मुस्लिम धर्मावलंबियों ने बाहों पर काली पट्टी बांध कर केंद्र सरकार की प्रस्तावित वक्फ संशोधन विधेयक का विरोध भी किया. बालूमाथ स्थित जमा मस्जिद में इमाम व खतीब मौलाना मजहर ने पवित्र-माह-ए-रमजान को अन्य महीनों की तुलना में अफजल बताते हुए रहमत व बरकत का महीना बताते हुए कहा कि अल्लाह इस महीने में बंदों की नेकियों को कई गुना बढ़ा देते हैं. उन्होंने कहा कि पवित्र-माह-ए-रमजान महीनों की एक नजीर है.
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शेष महीनों को कैसे गुजारना है उसकी सीख देता है. अलविदा जुमे की नमाज के बाद युवाओं ने प्रस्तावित वक्फ संशोधन विधेयक के विरोध में एहतेजाज भी किया. लातेहार जमीयत उलेमा के अध्यक्ष मौलाना जियाउल्लाह ने वक्फ संशोधन विधेयक को एक समुदाय के प्रॉपर्टी को बिल के माध्यम से लूटने वाला बताते हुए केंद्र सरकार से बिल को वापस लेने की मांग की.
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बालूमाथ प्रखंड मुख्यालय स्थित जमा मस्जिद के अतिरिक्त मदरसा मस्जिद, मदीना मस्जिद, मिल्लत मस्जिद, मस्जिद ए उमर एवं मुस्तफा मस्जिद में अलविदा जुमे की नमाज अदा की गई. वहीं प्रखंड क्षेत्र के मकइयाटांड़, धाधू, जिलंगा, मुरपा, गणेशपुर, शेरेगाड़ा, पिंडरकोम, मासियातु, बालू, कुरियाम समेत अन्य स्थानों पर अलविदा जुमे की नमाज अकीदत के साथ अदा की गई.