लातेहार। सदर प्रखंड के ग्राम विशुनपुर में आयोजित 43 वें श्रीरामचरित मानस परायण पाठ अधिवेशन में गुरुवार की रात श्री राम विवाह कथा के अवसर पर बाल व्यास राघवेंद्र शास्त्री जी के सानिध्य में संगीतमय प्रवचन का आयोजन किया गया. कथा के दौरान उन्होंने श्रीरामचरितमानस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि रामचरितमानस केवल धार्मिक ग्रंथ ही नहीं, बल्कि मानव जीवन को सही मार्ग दिखाने वाला प्रेरणास्रोत है. इसके प्रत्येक प्रसंग में जीवन के लिए महत्वपूर्ण संदेश निहित है. उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाकर मनुष्य सत्य, मर्यादा, त्याग और कर्तव्य के मार्ग पर आगे बढ़ सकता है. रामविवाह प्रसंग के माध्यम से उन्होंने भगवान श्रीराम और माता सीता के आदर्श दांपत्य एवं संस्कारों का वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को उनके आदर्शों से प्रेरणा लेने का संदेश दिया. संगीतमय प्रवचन के दौरान श्रद्धालु भक्ति में भाव-विभोर नजर आए. कार्यक्रम में समिति के अध्यक्ष बिनय कांत पाण्डेय, उपाध्यक्ष सर्वेश्वरी पाण्डेय, सचिव धीरज पाण्डेय के अलावा संतोष पाण्डेय, कमलापति पाण्डेय, मिथलेश पाण्डेय, दीपक पाण्डेय तथा कोषाध्यक्ष पुरुषोत्तम दास टंडन सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे.