झारखंड
प्रजापिता ब्रह्मकुमारी संस्था में मनाया शिवरात्रि का पर्व


बीके अमृता ने कहा कि विश्व की सभी महान विभूतियों के जन्मोत्सव प्रायः दिन के समय ‘जन्मदिन’ के रूप में मनाये जाते हैं परन्तु एक परमात्मा शिव की जयंती ही ऐसी है जिसे जन्मदिन न कहकर ‘शिवरात्रि’ के नाम से पुकारा जाता है. इसका कारण यह है कि निराकार परमात्मा शिव जन्म- मरण से न्यारे अथवा अयोनि हैं. उन्होने सभी को नियमिति रूप से केंद्र में आयोजित चर्चाओं में आने का निमंत्रण दिया. मौके पर बीके ज्योति, सुनीता, आलोका, आलोका समेंत कई बीके सदस्यों ने भाग लिया. 