बालूमाथ (लातेहार)। प्रखंड स्थित सीसीएल की राजहरा एरिया के अंतर्गत तेतरियाखाड़ परियोजना में स्टॉक कोयले की ढुलाई हाइवा और ट्रकों के माध्यम से शुरूआत हो चुकी है. विगत दिनों दो हाइवा से कोयले की ढुलाई शुरू की गई. इससे लंबे समय से बाधित कोयले के डिस्पैच में तेजी आने और सीसीएल को हो रहे राजस्व नुकसान में कमी आने की उम्मीद है. कोयला ढुलाई को लेकर सोमवार को प्रखंड सह अंचल कार्यालय के सभागार में ग्रामीणों, ट्रक मालिकों और सीसीएल अधिकारियों की बैठक हुई थी. बैठक में हाइवा और ट्रक दोनों माध्यमों से कोयले की ढुलाई कराने पर सहमति बनी थी. सीसीएल अधिकारियों के अनुसार तेतरियाखाड़ कोलियरी में करीब 13 लाख टन से अधिक कोयला जमा है. डिस्पैच बाधित रहने के कारण सीसीएल को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है. जमा कोयले को बालूमाथ साइडिंग तक पहुंचाने के लिए दोनों माध्यमों से ढुलाई का प्रस्ताव रखा गया था. जिसे बैठक में मौजूद ग्रामीणों और ट्रक मालिकों ने स्वीकार किया था. बैठक में विस्थापित एवं प्रभावित ग्रामीणों ने वर्षों से लंबित नौकरी और मुआवजे का भुगतान करने के साथ स्कूल, अस्पताल, पंचायत भवन, पेयजल तथा 24 घंटे मुफ्त बिजली की व्यवस्था करने की मांग की थी. इसके अलावा हाइवा से दुर्घटना होने पर पीड़ित को 10 लाख रुपये मुआवजा देने, छह महीने के भीतर बाइपास सड़क का निर्माण कराने, स्थानीय लोडरों को प्राथमिकता देने और ढुलाई का भाड़ा ग्रामीणों द्वारा तय किए जाने की मांग भी रखी गई. बसिया पंचायत की मुखिया विमला देवी ने भी दुर्घटना मुआवजे का मुद्दा प्रमुखता से उठाया. बैठक में राजहरा क्षेत्र के महाप्रबंधक मनीष कुमार, अंचल अधिकारी बालेश्वर राम, बीडीओ सोमा उरांव, परियोजना पदाधिकारी जेपी रावत सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे. मजदूर नेता गिरधारी यादव, मनोज यादव के अलावा ग्रामीण और ट्रक मालिक भी बैठक में शामिल हुए थे. अधिकारियों ने नियमों के अनुरूप समस्याओं के समाधान तथा रोजगार में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता देने का आश्वासन दिया है. इसके बाद कोयले की ढुलाई शुरू करने पर सहमति बनी.