लातेहार। अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ ने झारखण्ड राज्य मध्याह्न भोजन प्राधिकरण, झारखंड को ज्ञापन सौंप कर मध्याह्न भोजना योजना की लंबित राशि का भुगतान करने की मांग की है. उन्होने कहा कि यदि राशि उपलब्ध नहीं करायी गयी तो जिले के विद्यालयों मे दिनांक आगामी नौ नवंबर से मध्याह्न भोजन का संचालन बंद हो जायेगा. इस आशय की जानकारी जिला महासचिव अजय कुमार ने दी. श्री कुमार ने बताया कि संघ के प्रदेश महासचिव राममूर्ति ठाकुर ने सौंपे गये ज्ञापन में कहा है कि विगत सात माह से राशि नहीं मिलने के वाबजूद शिक्षकों के व्यक्तिगत जोखिम व व्यय पर एमडीएम संचालित रखने का अवांछित दवाब झेल रहे हैं. उन्होने कहा चालू वितीय वर्ष में मध्याहन भोजन के कुकिंग कॉस्ट मद में राज्य के किसी भी विद्यालय को राशि उपलब्ध नहीं कराई गई है. महीनों से राशि उपलब्ध नहीं होते हुए भी जिला और प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों की ओर से प्रधानाध्यापकों पर अवांछित रूप से मध्याह्न भोजन संचालित रखने का लिखित व मौखिक दवाब बनाया गया है. इस परिस्थिति में शुरू के कई महीनों तक संबंधित प्रधानाध्यापकों द्वारा स्वयं के जोखिम व व्यय पर योजना का संचालन किया. लेकिन जब राशि का बोझ बहुत अधिक होने लगा तब जिला व प्रखंड कार्यालय को लिखित रूप में सूचित कर कई विद्यालयों द्वारा एमडीएम को संचालित रखने में असमर्थता व्यक्त की गई है. इसके बाद जिलों में ऐसे शिक्षको से कारणपृच्छा करने और वेतन बंद आदि की कार्रवाइयों की जा रही हैं. उन्होने कहा कि कार्य नियम संगत नहीं कहा जा सकता. राशि का प्रबंध करना विद्यालय स्तर का कार्य नहीं है. जिला स्तरीय अधिकारियों के इस प्रकार की कार्रवाईयों से शिक्षकागण मानसिक दवाब में हैं. प्रधानाध्यापकों के उपर पड़ने वाला अतिरिक्त व्यय का बोझ एक लाख रूपए से अधिक तक में पहुंच चुका है. ज्ञापन में कहा गया है कि अगर आठ नवंबर तक इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो नौ नवंबर से मध्याह्न भोजन का संचालन नहीं किया जा सकेगा.