लातेहार। झारखंड अधिकारी शिक्षक कर्मचारी संघ(झारोटेफ) के आह्वान पर सोमवार को जिले मे एमएसीपी अधिकार – प्रतिवाद दिवस मनाया गया. जिले भर के शिक्षकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने अपने-अपने कार्यस्थलों पर लंच ऑवर के दौरान एकत्र होकर शिक्षा विभाग द्वारा जारी उस आदेश के विरुद्ध शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से प्रतिवाद दर्ज कराया, जिसमें शिक्षकों को अन्य राज्यकर्मियों की भाँति एमएसीपी का लाभ देने से वंचित रखने का निर्णय लिया गया है. कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने विभागीय आदेश की प्रतीकात्मक प्रति जलाकर सरकार का ध्यान इस आकृष्ट किया. जिला अध्यक्ष हीरा प्रसाद यादव ने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि सत्तारूढ़ दल ने अपने चुनावी घोषणा-पत्र में स्पष्ट रूप से शिक्षकों को अन्य राज्यकर्मियों की भाँति एमएसीपी का लाभ देने का वादा किया था. इतना ही नहीं, पिछले विधानसभा सत्रों में भी सरकार की ओर से इस विषय पर सकारात्मक आश्वासन दिया गया था. इसके बावजूद शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश न केवल उन आश्वासनों की भावना के विपरीत है, बल्कि सत्तारूढ़ दल के घोषणा-पत्र से भी पूर्णतः असंगत है. शिक्षकों को सरकार को तत्काल इस आदेश की समीक्षा कर शिक्षकों को अन्य राज्यकर्मियों की भांति एमएसीपी का लाभ सुनिश्चित करना चाहिए. जिला सचिव प्रदीप कुमार सिंह ने कहा कि शिक्षक एवं कर्मचारी अब अपने अधिकारों के प्रश्न पर पूरी तरह एकजुट हैं. हमारा आंदोलन किसी व्यक्ति या सरकार के विरुद्ध नहीं, बल्कि न्याय, समानता और सरकार द्वारा किए गए वादों को लागू कराने के लिए है. शिक्षकों ने कहा कि यदि सरकार इस न्यायोचित मांग पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है, तो झारोटेफ अपने पूर्व घोषित “पाने अपना अधिकार, चलो मुख्यमंत्री के द्वार” के तहत मुख्यमंत्री आवास तक शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक कूच करेगा. कार्यक्रम में संजीव कुमार चंद्र, नरेंद्र कुमार पांडेय, तृप्ति भारती, दशरथ सिंह, संतोष पासवान, लक्ष्मी कुमारी, मनीष कुमार, अमित कुमार, संदीप पासवान, अभिमन्यु कुमार सिंह, गोविंद पासवान, विजय लाल, उमेश कुमार सिंह, धीरज कुमार, दिलीप कुमार सिंह, विजय प्रकाश गुप्ता, प्रेम यादव, लॉरेंस भेगड़ा, निरंजन उरांव व अनिल यादव सहित कई शिक्षक मौजूद थे.