तसवीर एक सप्ताह पुरानी है
प्रतीकात्मक रूप से दी गयी है
लातेहार। उपायुक्त संदीप कुमार ने पिछले दिनों जिले के रसोई गैस वितरकों से हुई एक बैठक में रसोई गैस की होम डिलीवरी करने का निर्देश दिया था. उन्होने कहा था कि उपभोक्ताओं को समय पर रसोई गैस उपलब्ध होना चाहिए और इसमें किसी प्रकार की अनियमितता बरदास्त नहीं की जायेगी. उपायुक्त के इस सख्त निर्देश के बाद भी जिला मुख्यालय में रसोई गैस की होम डिलीवरी नहीं की जा रही है. इससे गैस उपभोक्ता खासे परेशान हैं. होम डिलीवरी नहीं होने के कारण रसोई गैस के गोदाम में अप्रत्याशित भीड़ और अफरा तफरी हो रही है. कई बार विवाद बढ़ जाने के कारण मनमुटाव की स्थिति बन रही है. कई टेंपो चालक को यहां आपस में झगड़ते देखा जा सकता है. बताया जाता है कि कुछ टेंपो चालक बाजार से रसोई गैस उपभोक्ताओं का कार्ड व बुकिंग नंबर ले कर सिलिंडर उठाते हैं और मार्केट में ब्लैक में बेचते हैं.
क्या है प्रावधान
नियमों के अनुसार, होम डिलीवरी का शुल्क पहले से ही सिलेंडर की कुल कीमत (इनवॉइस राशि) में शामिल होता हैै. रसोई गैस सिलेंडर की होम डिलीवरी के लिए तेल कंपनियों द्वारा डीलर (एजेंसी) को प्रति सिलेंडर लगभग 70 से 75 रूपये का कमीशन दिया जाता है. इस कमीशन राशि में एजेंसी का मुनाफा, कर्मचारियों का वेतन, गोदाम का किराया व डिलीवरी बॉय व अन्य खर्च शामिल होते हैं. लेकिन यहां उपभोक्ताओं को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है. एक तो होम डिलीवरी का पूरा चार्ज लिया जा रहा है, वहीं उपभोक्ताओं को टेंपो से सिलींडर घर ले जाने में 70 से 100 रूपया अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है.
दुर्घटनाओं से इंकार नहीं किया जा सकता है
रेलवे स्टेशन रोड में पुलिस लाइन के पास एक रसोई गैस के गोदाम में इन दिनों अप्रत्याशित भीड़ गैस लेने के लिए जुट रही है. होम डिलीवरी नही किये जाने के कारण उपभोक्ता गैस गोदाम में जुट रहे हैं. यहां ट्रकों से रसोई गैस उतारे जाते हैं. ट्रकों के आसपास सैकड़ों लोग होते हैं. ऐसे में कभी भी कोई बड़ा हो सकता है.
प्राइवेट ऑटो में ढोया जा रहा है सिलिंडर
स्थानीय लोगों का आरोप है कि रसोई गैस एजेंसियों की सांठगांठ से प्राइवेट टेंपो में गैस सिलिंडर की कालाबाजारी की जा रही है. गैस एजेंसी अपने वाहनों को नहीं निकाल कर प्राइवेट टेंपो से रसोई गैस की आपूर्ति की जा रही है. सूत्र बतातें हैं कि एक रसोई गैस 1900 रूपये तक प्रति सिलिंडर मार्केट में ब्लैक में बिक रहे हैं.