महुआडांड़ (लातेहार)। बुधवार को ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर पूरे शान-ओ-शौकत और अकीदत के साथ जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला गया. जुलूस का नेतृत्व महुआडांड़ अंजुमन कमिटी ने किया जुलूस की शुरुआत सुबह आठ बजे जामा मस्जिद से सलातो-सलाम के साथ हुई. जुलूस में जामा मस्जिद एवं गौसिया मस्जिद के तलबा, अंजुमन कमेटी के सदस्य तथा बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग शामिल हुए. बच्चों और युवाओं में जुलूस को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला. जुलूस में शामिल लोग साफ-सुथरे लिबास और इत्र लगाकर पहुंचे थे. जुलूस जामा मस्जिद से निकलकर अंबाटोली शहीद चौक, गुरगुटोली होते हुए अंबेडकर चौक, गांधी चौक, डिपाटोली, बिरसा मुंडा चौक से फुलवार बगीचा (आजाद बस्ती) पहुंचा. इसके बाद जुलूस पुनः बिरसा चौक, डिपाटोली होते हुए जामा मस्जिद के समीप पहुंचा, जहां सलाम और दुआ के साथ जुलूस का समापन किया गया. जुलूस के दौरान “नारे तकबीर, अल्लाहु अकबर”, “नारे रिसालत, या रसूलल्लाह”, “आका की आमद मरहबा, सरकार की आमद मरहबा” सहित विभिन्न नारे लगाए गए. ओलमा और तलबा ने नात-ए-पाक पढ़कर हजरत मोहम्मद की शान में खिराज-ए-अकीदत पेश किया. इस अवसर पर इमाम मस्जिद-ए-गौसिया महुआडांड़ मौलाना नौशाद आलम ने कहा कि हजरत मोहम्मद के आगमन के बाद समाज में महिलाओं, बेटियों और विधवाओं के अधिकार एवं सम्मान को नई दिशा मिली. उन्होंने कहा कि उनके बताए संदेश ने ऊंच-नीच और भेदभाव जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ मानवता, समानता और भाईचारे का रास्ता दिखाया. जामा मस्जिद के इमाम मौलाना रेयाज रिज्वी, गौसिया मस्जिद के मोहतमिम मौलाना गुलाम सरवर फैजी समेत अन्य ओलमा ने हजरत मोहम्मद की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनके जीवन से हमें इंसानियत, भाईचारा, प्रेम और सद्भाव का संदेश मिलता है. उन्होंने कहा कि हजरत मोहम्मद ने अपने जीवन में अनेक कठिनाइयों का सामना किया, लेकिन लोगों तक हक और सच्चाई का पैगाम पहुंचाते रहे.
लंगर की व्यवस्था की गयी, फल भी बांटे गये
ईद मिलादुन्नबी को लेकर महुआडांड़ की मस्जिदों, घरों और गली-मोहल्लों को आकर्षक लाइट, झंडी और परचम से सजाया गया था. डिपाटोली, अंबाटोली, गुरगुटोली, आजाद मार्केट समेत विभिन्न स्थानों पर स्वागत द्वार बनाए गए थे. जगह-जगह लंगर, फल और पानी की व्यवस्था की गई थी, जहां जुलूस में शामिल लोगों एवं राहगीरों के बीच सामग्री वितरित की गई.
सामग्रियों का वितरण किया
ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर सरपरस्त फहीम खान की ओर से विभिन्न गांवों से आई जरूरतमंद महिलाओं के बीच चावल, कंबल और एक-एक जोड़ी चप्पल का वितरण किया गया. इस दौरान सदर रेहान रजा, नायब सदर सद्दाम आलम, पूर्व सदर आजाद अहमद, समाजसेवी इस्तियाक अहमद, शाहिद कमाल एवं समाजसेवी मंजूर आलम समेत अन्य लोग मौजूद रहे.
सुरक्षा व्यवस्था रही चाक-चौबंद
जुलूस को लेकर प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। महुआडांड़ थाना प्रभारी अमित कुमार रविदास के नेतृत्व में चौक-चौराहों और जुलूस के पूरे मार्ग पर पुलिस बल की तैनाती की गई थी। थाना प्रभारी स्वयं जुलूस के रूट का भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करते रहे। विभिन्न चौक-चौराहों पर मजिस्ट्रेट के साथ पुलिस बल की तैनाती की गई थी, जबकि जुलूस के साथ भी पुलिस जवान मौजूद रहे। शांतिपूर्ण माहौल में जुलूस संपन्न होने पर जामिया एवं गौसिया अंजुमन कमेटी तथा मुस्लिम समुदाय के लोगों ने प्रशासन और पुलिस के प्रति आभार जताया। जुलूस के दौरान बच्चों में विशेष उत्साह देखने को मिला।