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झारखंडमहुआडांड़

विद्यालय में पढ़ाने के दौरान शिक्षिका की मौत, एकमात्र शिक्षिका होने से था काम का दबाव

महुआडांड़ (लातेहार)। प्रखंड के औराटोली उत्क्रमित मध्य विद्यालय की एकमात्र शिक्षिका उर्सेला केरकेट्टा (48), पति अनिल कुजूर की मंगलवार दोपहर विद्यालय में पढ़ाने के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। घटना के बाद विद्यालय परिवार, विद्यार्थियों और ग्रामीणों में शोक की लहर दौड़ गई. शिक्षिका के पति अनिल कुजूर ने बताया कि उनकी पत्नी की वर्ष 2004 में शिक्षिका के पद पर बहाली हुई थी. वह हार्ट और थायरॉइड की बीमारी से पीड़ित थीं और उनका इलाज चल रहा था. बीमारी के कारण जनवरी से वह स्वयं उनके साथ विद्यालय आते-जाते थे. मंगलवार को भी वह उनके साथ विद्यालय गए थे. करीब एक बजे अचानक उर्सेला केरकेट्टा को चक्कर आया और वह विद्यालय में ही गिर गईं. आनन-फानन में उन्हें ऑटो से कार्मेल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. बताया गया कि शिक्षिका ने गर्मी के मौसम में जनगणना कार्य भी पूरा किया था और फिलहाल नए मतदाता पहचान पत्र बनाने के कार्य में लगी हुई थीं. विद्यालय में कक्षा एक से पांच तक की पढ़ाई होती है, जहां कुल 24 बच्चे नामांकित हैं.  विद्यालय में वह अकेली शिक्षिका थीं ऐसे में शिक्षण कार्य के साथ अन्य विभागीय कार्यों का भी अतिरिक्त भार उन पर था। पति के अनुसार, इसी कारण वह बीमारी के बावजूद छुट्टी नहीं ले पाती थीं.

बीमार हों तो शिक्षक छुट्टी लेकर कराएं इलाज : शिक्षा पदाधिकारी

इस संबंध में शिक्षा पदाधिकारी ऋषिकेश कुमार ने बताया कि उर्सेला केरकेट्टा कुछ दिनों से बीमार थीं और उनका इलाज चल रहा था. इसके बावजूद वह विद्यालय जाकर अपने दायित्वों का निर्वहन कर रही थीं. अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई. घटना की जानकारी महुआडांड़ सीआरपी के माध्यम से मिली. उन्होंने कहा कि सरकारी प्रावधान के तहत मिलने वाले मुआवजे का लाभ मृत शिक्षिका के परिवार को जल्द दिलाने का प्रयास किया जाएगा. उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि यदि कोई शिक्षक बीमार है तो वह अवकाश लेकर अपना इलाज कराएं. सरकार की ओर से शिक्षकों के लिए प्रतिवर्ष इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है. उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सर्वोपरि है, इसलिए पहले अपना स्वास्थ्य देखें और स्वस्थ होने के बाद ही विद्यालय जाएं. ऋषिकेश ने बताया कि जिले में करीब 350 ऐसे विद्यालय हैं, जहां केवल एक शिक्षक कार्यरत हैं. वहीं जिले में मध्याह्न भोजन संचालित होने वाले विद्यालयों की कुल संख्या करीब 1041 है. शिक्षिका के आकस्मिक निधन पर ग्रामीणों और विद्यालय परिवार ने गहरा दुख जताया तथा शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की.

Md Ali Raja

संवाददाता, महुआडांड, लातेहार

Md Ali Raja

संवाददाता, महुआडांड, लातेहार

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