महुआडांड़ (लातेहार)। प्रखंड के अति पिछड़े एवं आदिवासी बहुल जामडीह गांव में प्रस्तावित स्वास्थ्य उपकेंद्र का निर्माण स्थल बदलकर सेमर बुढ़नी किए जाने के विरोध में शुक्रवार को ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा. ओरसा पंचायत की मुखिया अमृता देवी के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीणों ने उपायुक्त संदीप कुमार को ज्ञापन सौंपते हुए जामडीह में ही स्वास्थ्य उपकेंद्र का निर्माण कराने की मांग की. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि भवन प्रमंडल, लातेहार द्वारा स्वास्थ्य उपकेंद्र निर्माण के लिए जामडीह के नाम से टेंडर प्रक्रिया पूरी की गई थी, लेकिन बाद में बिना ग्रामसभा की सहमति, बिना सार्वजनिक सूचना और बिना स्थानीय लोगों को विश्वास में लिए निर्माण स्थल को चुपचाप सेमर बुढ़नी स्थानांतरित कर दिया गया. ग्रामीणों ने इसे जनभावनाओं और ग्रामीणों के अधिकारों की अनदेखी बताया. मुखिया अमृता देवी ने कहा कि जामडीह एक पहाड़ी एवं दुर्गम आदिवासी गांव है, जहां से लगभग 15 किलोमीटर के दायरे में कोई स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध नहीं है. प्रसव, सर्पदंश, मलेरिया तथा अन्य गंभीर बीमारियों के मरीजों को इलाज के लिए महुआडांड़ या लातेहार ले जाना पड़ता है, जिससे समय पर उपचार नहीं मिलने के कारण कई बार जान का खतरा भी उत्पन्न हो जाता है. उन्होंने कहा, “टेंडर जामडीह के नाम पर निकाला गया और भवन कहीं अन्य स्थान पर बनाया जा रहा है. उन्होंने निर्माण स्थल परिवर्तन के आदेश को तत्काल निरस्त कर जामडीह में ही स्वास्थ्य उपकेंद्र का निर्माण शुरू कराने की मांग की. मुखिया ने बताया कि उपायुक्त ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और संबंधित विभाग के अधिकारियों को जामडीह एवं सेमर बुढ़नी दोनों स्थलों का संयुक्त निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है. ज्ञापन सौंपने वालों में मुखिया अमृता देवी के अलावा ग्राम प्रधान भरत नगेसिया, रमेश यादव, शिव शंकर नगेसिया, बिसुन नगेसिया, जोनसन लकड़ा, अशोक समुदवार आदि का नाम शामिल है.