


महफिल में अपने खूबसूरत कलाम और सुरीली आवाज से समां बांधने के लिए शायर दिल खैरआबादी, असद आजमी, आजमगढ़, यूपी, कारी निसार दानिश कुडू, लोहरदगा ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुति दी. कार्यक्रम की शुरुआत कारी मो साजिद के द्वारा मुकद्दस कुरान की तिलावत के साथ हुई. सामाजिक कार्यकर्ता जुनैद अनवर ने अपने संबोधन में मौजूदा वक्त में कौम की बेदारी और तरक्की पर हमें किया करना है, उसके तरफ ध्यान आकृष्ट करवाया और रक्तदान कर मानवता की सेवा पर ज़ोर दिया. कार्यक्रम के आयोजक अब्दुल सत्तार, मो हुसैन, हाफ़िज़ आमिर, मो खुर्शीद, डॉ मुमताज़, अबरार अंसारी, मो इज़हार, मुश्ताक़ अंसारी, ऐनुल हक़, मो हुसैन, असगर मियाँ, मौलाना ज़ुबैर, हाफ़िज़ अशरफ, हाफ़िज़ नसीम, अमानुल्लाह, मेराजुल, इक़बाल अंसारी,मो अफ़ज़ल, अब्दुल कुद्दुस, शमशुल, मौलाना तबरेज़, साबिर, मो सदीक, नेजाम अंसारी, मो कमाल, मंसूर आलम, महफूज़, साबिर, अबरार ओवैसी, शाहिद, रहमत अंसारी, समीर, तौसीफ, शाहनवाज, मो सरताज, हाफ़िज़ अब्दुल रशीद, हाफ़िज़ आज़ाद, मेराज अंसारी ने कार्यक्रम को सफल बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.