लातेहार। ग्रामीण क्षेत्र के उद्यमियों एवं संभावित उद्यमियों को व्यवसाय की नई संभावनाओं से जोड़ने, उनके उद्यम को मजबूत करने तथा नवाचार एवं तकनीकी सहयोग के माध्यम से आजीविका के अवसरों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से झारखंड इनक्यूबेटर कार्यक्रम का शुभारंभ लातेहार जिले में किया गया. कार्यक्रम का उद्घाटन उप विकास आयुक्त सैय्यद रियाज अहमद द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया. इस दौरान उप विकास आयुक्त ने उपस्थित प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यमिता को बढ़ावा देना, स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों का सृजन करना तथा छोटे उद्यमों को स्थायी एवं लाभकारी व्यवसाय के रूप में विकसित करना समय की आवश्यकता है. उन्होंने Incubator कार्यक्रम को ग्रामीण उद्यमियों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल बताते हुए इसका अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया.
*Incubator कार्यक्रम क्या है?*
Incubator कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के उभरते एवं वर्तमान उद्यमियों को उनके व्यवसाय को शुरू करने, व्यवस्थित करने और आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन, प्रशिक्षण, मेंटरशिप, व्यवसायिक योजना, बाजार से जुड़ाव, वित्तीय सेवाओं एवं तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराना है इस कार्यक्रम के माध्यम से उद्यमियों की व्यवसायिक क्षमता को विकसित करते हुए उन्हें बाजार की मांग के अनुरूप अपने उत्पाद एवं सेवाओं को बेहतर बनाने, लागत एवं आय का उचित प्रबंधन करने तथा अपने उद्यम को टिकाऊ और लाभदायक बनाने के लिए आवश्यक सहयोग दिया जाएगा. कार्यक्रम में राज्य से आए NFL PM तुमूल तरण ने Incubator कार्यक्रम की आवश्यकता एवं इसकी कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने बताया कि ग्रामीण उद्यमियों को केवल व्यवसाय शुरू करने तक सीमित नहीं रखना है, बल्कि उन्हें निरंतर सहयोग एवं मार्गदर्शन देकर उनके उद्यम को स्थायी, प्रतिस्पर्धी एवं सफल व्यवसाय के रूप में विकसित करना कार्यक्रम का महत्वपूर्ण उद्देश्य है. IIM कोलकाता Innovation Park से आए देवी प्रसाद द्वारा उपस्थित सभी प्रतिभागियों को Incubator कार्यक्रम के विभिन्न पहलुओं पर विस्तारपूर्वक प्रशिक्षण दिया गया। उन्होंने उद्यमियों के व्यवसाय की पहचान, व्यवसायिक मॉडल, ग्राहक एवं बाजार की समझ, नवाचार, व्यवसाय विस्तार तथा उद्यम में आने वाली चुनौतियों के समाधान के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। कार्यक्रम के माध्यम से CRP-EP, BDSP एवं Mentor जैसे फील्ड स्तर के कैडरों की भूमिका को भी मजबूत किया जाएगा, ताकि वे ग्रामीण उद्यमियों को व्यवसाय से संबंधित आवश्यक सहयोग एवं मार्गदर्शन उपलब्ध करा सकें। साथ ही बैंक सखी कैडर के सहयोग से उद्यमियों को वित्तीय सेवाओं एवं बैंकिंग सुविधाओं से जोड़ने में भी सहायता मिलेगी।इस पहल से लातेहार जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित एवं नए उद्यमों को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। कार्यक्रम के माध्यम से उद्यमी दीदियों को आत्मनिर्भर बनाने, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है.