लातेहार। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश शेषनाथ सिंह की अदालत ने सत्रवाद संख्या 146/24 की सुनवाई करते हुए आरोपी संतोष उराव पर लगाये गये हत्या एवं शव को छुपाने के आरोप को सत्य पाया है. अदालत ने आरोपी को आजीवन कारावास और जुर्माना की सजा सुनाया है. जिला अभियोजन पदाधिकारी समित प्रकाश के अनुसार मामले की प्राथमिकी सूचक दिनेश सिंह ने लातेहार थाना कांड संख्या 24/24 दर्ज कराया था. सूचक दिनेश सिंह ने प्राथमिकी में बताया था कि अभियुक्त संतोष उरांव महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार कर रहा था. जिसको लेकर उपेंद्र सिंह ने विरोध किया था. आरोपी ने उपेंद्र सिंह को बदलेे की भावना से ग्रसित हो कर उसकी हत्या कर दी. यह बात घरवालों को तब पता चली ज़ब दिनांक 14.02. 24 से उपेंद्र सिंह घर से गायब हो गया. उसके घर वाले जब खोजबीन किया तो दो दिनों के बाद उसकी लाश मिली. शव मिलने के बाद परिवार के सूचक दिनेश सिंह ने मुकदमा दर्ज कराया था. श्री सिंह की अदालत में मामले के विचारण पूरी होने पर आरोप साबित होने पर आरोपी संतोष उरांव को धारा भादवि की धारा 302 के तहत सश्रम आजीवन कारावास एवं 50,000 रूपये का जुर्माना भादवि की भादवि की धारा 201 के तहत शव छुपाने का आरोप सिद्ध होने पर तीन वर्षों का सश्रम कारावास एवं 20, 000 रूपये जुर्माना की सजा सुनाया है.