बालूमाथ। स्थानीय गालिब कॉलोनी स्थित मस्जिद-ए-उमर मकतब में छमाही परीक्षा परिणाम को लेकर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस दौरान प्रत्येक कक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले टॉप-5 विद्यार्थियों को प्रोत्साहन स्वरूप उपहार देकर सम्मानित किया गया. वक्ताओं ने कहा कि मकतब की दीनी और अखलाकी तालीम बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की बुनियाद है. कार्यक्रम की शुरुआत छात्रा फाइज़ा मुख्तार द्वारा तिलावत-ए-कुरआन से हुई. तहसीन मुश्ताक और जुवैरिया नवाब ने हम्द, जबकि मुबश्शिरा एवं नौशीन ने नात-ए-पाक पेश की. कार्यक्रम का विशेष आकर्षण करीब साढ़े पांच वर्षीय छात्र ज़ोहैब रहा. जिसने नूरानी कायदा मुकम्मल किया. इस अवसर पर दारुल क़ज़ा बालूमाथ के शहर काजी मुफ्ती उमर फारूक कासमी ने उसे अम्मा पारा की शुरुआत कराई और दुआ की. शहर काजी मुफ्ती उमर फारूक कासमी ने अभिभावकों से बच्चों को नियमित रूप से मकतब भेजने की अपील की. जामा मस्जिद के इमाम-ओ-खतीब मौलाना मजहर साहब कासमी और आइशा गर्ल्स एकेडमी के मौलाना वसीम अकरम नदवी ने भी दीनी एवं अखलाकी तालीम की अहमियत पर प्रकाश डाला. मौके पर मौलाना मआज मजाहिरी, मो मजहर, हाफिज तल्हा समेत बड़ी संख्या में अभिभावक एवं शिक्षक मौजूद रहे. संचालन मौलाना तौकीर आफंदी मजाहिरी ने किया. अंत में मौलाना मआज मजाहिरी की दुआ के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ.